भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सांसद बृजमोहन अग्रवाल को केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी कि भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में पिछले दो वित्तीय वर्षों में 5.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता 297.36 गीगावॉट तक पहुंच गई है और 2030 तक 500 गीगावॉट क्षमता हासिल करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

Jul 30, 2026 - 11:22
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भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। संसद में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले दो वित्तीय वर्षों में देश के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 5.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। यह जानकारी रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल को उपलब्ध कराई गई, जिसमें भारत की बढ़ती गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, सौर ऊर्जा विस्तार और 2030 तक 500 गीगावॉट क्षमता के लक्ष्य की दिशा में हो रही प्रगति का विस्तृत विवरण दिया गया।

मंत्रालय के अनुसार 30 जून 2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित बिजली क्षमता 297.36 गीगावॉट तक पहुंच गई है, जो देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 548.85 गीगावॉट का 54.18 प्रतिशत है। इसमें 162.15 गीगावॉट सौर ऊर्जा, 57.44 गीगावॉट पवन ऊर्जा, 52.06 गीगावॉट बड़े जल विद्युत परियोजनाओं, 11.75 गीगावॉट जैव ऊर्जा, 5.18 गीगावॉट लघु जल विद्युत तथा 8.78 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का योगदान शामिल है।

ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2014-15 में जहां नवीकरणीय स्रोतों से 190.96 बिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 477.79 बिलियन यूनिट हो गया। इसी अवधि में कुल बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से बढ़कर 25.97 प्रतिशत हो गई है।

सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 22 जुलाई 2026 तक 48,02,717 घरों में रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। इसके माध्यम से 14,180.89 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सौर क्षमता विकसित हुई है, जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती बिजली का लाभ मिल रहा है।

घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लागू प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। मंत्रालय के अनुसार सौर मॉड्यूल के आयात में 77 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में जहां सोलर मॉड्यूल आयात का मूल्य 4,354 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह घटकर 994 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सबसे बड़े स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी विकेंद्रीकृत सौर परियोजनाओं, पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर विस्तार और ग्रिड अवसंरचना को मजबूत बनाकर इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता हासिल करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके तहत पीएलआई योजना, ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार, ऊर्जा भंडारण प्रणाली, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, ऑफशोर विंड एनर्जी परियोजनाओं और पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ, किफायती और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था विकसित कर भारत को वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का अग्रणी देश बनाना है।