अफगान सीमा पर पाकिस्तान का बड़ा सैन्य अभियान, 29 विद्रोहियों के मारे जाने का दावा

कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। पाकिस्तान के अनुसार इस कार्रवाई में 29 विद्रोही मारे गए, जबकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि हवाई हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं। दोनों देशों के दावों में अंतर होने से सीमा क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

Jun 29, 2026 - 15:45
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अफगान सीमा पर पाकिस्तान का बड़ा सैन्य अभियान, 29 विद्रोहियों के मारे जाने का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. इस्लामाबाद। कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में बड़ा सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। पाकिस्तान सरकार के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर जमीनी अभियान चलाने के बाद सीमा पार स्थित कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें 29 विद्रोही मारे गए।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि यह अभियान हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमलों के जवाब में चलाया गया। उनके अनुसार कार्रवाई में जमात-उल-अहरार और पाकिस्तान जिन समूहों को "फितना अल-खवारिज" कहता है, उनके ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान सरकार टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के लिए भी इस शब्द का इस्तेमाल करती है।

पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि पहले खुफिया सूचना के आधार पर जमीनी अभियान चलाया गया और उसके बाद अफगानिस्तान सीमा के निकट कथित आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। पाकिस्तान ने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई ठिकाने नष्ट किए गए और हथियारों का जखीरा भी तबाह हुआ।

हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावों का विरोध किया है। काबुल का कहना है कि हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, हताहत हुए हैं। अफगान प्रशासन ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान के 29 विद्रोहियों के मारे जाने के दावे और अफगानिस्तान के नागरिक हताहतों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह सैन्य कार्रवाई कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए आत्मघाती हमले के एक दिन बाद हुई। हथियारों और विस्फोटकों से लैस हमलावरों ने सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाया था, जिसमें तीन सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी। इसके बाद पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का निर्णय लिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम पहले से तनावपूर्ण पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों को और जटिल बना सकता है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि उसकी सीमा पार सक्रिय उग्रवादी समूहों को अफगान क्षेत्र में सुरक्षित ठिकाने मिलते हैं, जबकि अफगानिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है। हालिया घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।