दिल्ली में विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार, DDA ने कई अहम परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित की

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने उपराज्यपाल टी.एस. संधू की समीक्षा के बाद जनहित से जुड़ी कई लंबित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक मंजूरियां जारी कर दी हैं। इससे स्वास्थ्य, सुरक्षा, मेट्रो, कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है।

Jul 9, 2026 - 11:52
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दिल्ली में विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार, DDA ने कई अहम परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित की

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं को अब गति मिलने की उम्मीद है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने उपराज्यपाल टी.एस. संधू की समीक्षा और निर्देशों के बाद जनहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक मंजूरियों से संबंधित लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया है। इससे स्वास्थ्य, सुरक्षा, परिवहन, पर्यावरण और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है।

अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण भूमि आवंटन से संबंधित कई प्रस्ताव लंबे समय से लंबित थे। उपराज्यपाल द्वारा नियमित समीक्षा किए जाने के बाद इन मामलों में तेजी लाई गई और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यक मंजूरियां जारी की गईं। प्रशासन का उद्देश्य विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना और जनहित की परियोजनाओं को बिना अनावश्यक देरी के आगे बढ़ाना है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के लिए सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना के लिए 112 अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किए गए हैं। जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित अटल कैंटीनों के लिए भी पांच एनओसी जारी की गई हैं।

पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। होलंबी कलां में प्रस्तावित ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क के लिए 8.5 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। वहीं, गाजीपुर में वेस्ट-टू-एनर्जी और बायो-मीथनेशन परियोजनाओं के विस्तार के लिए नगर निगम को 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 10.4 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी इन परियोजनाओं के विस्तार के लिए आवंटित की गई है।

राजधानी की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दिलकुशा बाग, सागरपुर, सूरजपुर और किशनगढ़ में नए पुलिस थानों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। नरेला में फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना तथा धीरपुर और ताहिरपुर में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कार्यालयों के निर्माण के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा रोहिणी और शाहदरा में न्यायपालिका के कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई गई है।

दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सनोठ में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को मेट्रो डिपो निर्माण हेतु 20 हेक्टेयर भूमि दी गई है। नरेला में मेट्रो परियोजनाओं के लिए कास्टिंग यार्ड विकसित करने के लिए 16 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। नगर निगम को 24 फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन स्थापित करने के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड को जलापूर्ति और सीवरेज से संबंधित कई परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत राजधानी के आठ स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और सीवेज पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 151 नए बोरवेल लगाने की मंजूरी भी दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राजधानी में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, नागरिक सेवाएं बेहतर होंगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।