रायगढ़ में बाढ़ के बीच पातालगंगा नदी में बहे 3,000 एलपीजी सिलेंडर, प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण एचपीसीएल के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 भरे और खाली एलपीजी सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। जिला प्रशासन ने लोगों से सिलेंडरों को हाथ न लगाने और मिलने पर तत्काल प्रशासन या अधिकृत एचपीसीएल डीलर को सूचना देने की अपील की है।

Jul 9, 2026 - 11:47
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रायगढ़ में बाढ़ के बीच पातालगंगा नदी में बहे 3,000 एलपीजी सिलेंडर, प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी

UNITED NEWS OF AISA. रायगढ़। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। बाढ़ के कारण एचपीसीएल के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 एलपीजी सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। इनमें भरे हुए और खाली दोनों प्रकार के सिलेंडर शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी सख्त एडवाइजरी जारी की है।

जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका स्थित चावणे क्षेत्र में मौजूद एचपीसीएल पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भारी बारिश के चलते अचानक बाढ़ का पानी भर गया। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्लांट परिसर में रखे हजारों गैस सिलेंडर तेज बहाव में बहकर पातालगंगा नदी में पहुंच गए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में सिलेंडर नदी में तैरते दिखाई दे रहे हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदी या उसके आसपास यदि किसी व्यक्ति को एलपीजी सिलेंडर दिखाई देता है तो उसे किसी भी स्थिति में उठाने, खोलने या अपने घर ले जाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। प्रशासन का कहना है कि यह सुनिश्चित नहीं है कि बह रहे सिलेंडर खाली हैं या उनमें गैस भरी हुई है। ऐसे सिलेंडरों के साथ छेड़छाड़ करना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

रायगढ़ के जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को बहकर आया सिलेंडर मिले तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित तहसील कार्यालय, एचपीसीएल के अधिकृत डीलर या प्रशासन को दें, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से बरामद किया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।

घटना के बाद कुछ स्थानों पर लोगों द्वारा नदी में बहते सिलेंडरों को निकालकर अपने वाहनों पर ले जाने की खबरें भी सामने आई हैं। इसके बाद पुलिस और एचपीसीएल के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को ऐसा करने से रोका और सुरक्षा नियमों की जानकारी दी। प्रशासन ने दोहराया है कि किसी भी सिलेंडर को बिना अनुमति अपने कब्जे में रखना या ले जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

फिलहाल प्रशासन और एचपीसीएल की टीमें बह गए सिलेंडरों की खोज और सुरक्षित बरामदगी में जुटी हुई हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।