ईरान पर अमेरिकी हमले तेज, रोहिणी से चाबहार तक रणनीतिक ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त घोषित किए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। रिपोर्टों के अनुसार चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

Jul 9, 2026 - 11:37
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ईरान पर अमेरिकी हमले तेज, रोहिणी से चाबहार तक रणनीतिक ठिकानों को बनाया निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त होने की घोषणा के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक क्षेत्रों पर नए हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है और इसका उद्देश्य समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी हमलों में चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास, सीरिक, बुशहर, ईरानशहर और उत्तर-पूर्वी ईरान के अक्काला क्षेत्र सहित कई स्थानों को निशाना बनाया गया। इनमें कुछ स्थान रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि वे समुद्री परिवहन और सैन्य आपूर्ति से जुड़े हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उत्तरी ईरान के अक्काला क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख रेलवे पुल को भी निशाना बनाया गया, जिसका उपयोग सैन्य रसद आपूर्ति के लिए किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं चाबहार और कोनारक क्षेत्र में भी हवाई हमलों और विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।

ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि बंदर अब्बास, सीरिक, चाबहार और कोनारक सहित कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद ईरान की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि चाबहार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई तथा कुछ बंदरगाह संबंधी ढांचों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन सकती हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि उनके अनुसार ईरान के साथ अंतरिम युद्धविराम समाप्त हो चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि ईरान की ओर से आगे भी हमले जारी रहे तो अमेरिका और कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि दीर्घकालिक समाधान के लिए भविष्य में बातचीत की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर इसके असर को लेकर चिंता जताई जा रही है। कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।