दिल्ली में कथित आतंकी साजिश का खुलासा, स्पेशल सेल ने छह संदिग्धों से पूछताछ में जुटाई अहम जानकारियां

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित आतंकी साजिश की जांच में छह संदिग्धों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। पुलिस के अनुसार, संवेदनशील स्थानों की रेकी, मोबाइल फोन से बरामद वीडियो और कथित विदेशी हैंडलर्स से संपर्क की जांच की जा रही है। मामले में जांच अभी जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

Jul 9, 2026 - 11:59
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दिल्ली में कथित आतंकी साजिश का खुलासा, स्पेशल सेल ने छह संदिग्धों से पूछताछ में जुटाई अहम जानकारियां

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक कथित आतंकी साजिश की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली और पंजाब से गिरफ्तार किए गए छह संदिग्धों से पूछताछ में राजधानी के कुछ संवेदनशील स्थलों की रेकी, मोबाइल फोन में मिले वीडियो और कथित विदेशी हैंडलर्स से संपर्क जैसी जानकारियां सामने आई हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।

स्पेशल सेल के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संदिग्धों ने राजधानी के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसे वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें कुछ संवेदनशील स्थलों की रिकॉर्डिंग मौजूद है। जांच एजेंसियां इन वीडियो की फोरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि उनके स्रोत, उद्देश्य और संभावित उपयोग की पुष्टि की जा सके।

पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्ध कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि संदिग्धों को डिजिटल माध्यमों से निर्देश दिए जा रहे थे। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के न्यायिक परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

स्पेशल सेल ने यह भी बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से प्राप्त चैट, वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच के दौरान पुलिस को कथित बातचीत भी मिली है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही इनकी प्रमाणिकता पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

स्पेशल सेल के अनुसार कुछ संदिग्धों पर यह भी आरोप है कि उन्हें कथित तौर पर संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और उससे संबंधित गतिविधियों के लिए धन का प्रलोभन दिया गया था। पुलिस इन वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल भुगतान से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया गतिविधियों की भी समीक्षा की है। पुलिस के अनुसार कई संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट और चैनलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन प्लेटफॉर्मों का उपयोग कथित तौर पर संपर्क स्थापित करने और नेटवर्क के विस्तार के लिए किया जा रहा था। इस संबंध में भी डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

स्पेशल सेल का दावा है कि गिरफ्तार संदिग्धों के संपर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थे, बल्कि अन्य विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भारत में सक्रिय हैं या नहीं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।