नगरी ब्लॉक के 76 सरकारी स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में 76 सरकारी स्कूल केवल एक-एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने का दावा करते हुए आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इससे तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सरकार से तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति सहित चार प्रमुख मांगें रखी हैं।

Jun 29, 2026 - 16:49
Jun 29, 2026 - 16:51
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नगरी ब्लॉक के 76 सरकारी स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने दावा किया है कि विकासखंड के 76 सरकारी स्कूल केवल एक-एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इनमें 50 प्राथमिक और 26 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। उनका कहना है कि इस स्थिति से तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बच्चों का भविष्य संकट में है।

मनोज साक्षी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अनुसार प्रत्येक 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है, लेकिन नगरी ब्लॉक के कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को एक साथ कई कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है। उनके अनुसार एक शिक्षक को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय पढ़ाने के अलावा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था, स्कूल का प्रशासनिक कार्य, चुनाव ड्यूटी तथा बीएलओ जैसे अन्य शासकीय दायित्व भी निभाने पड़ते हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बेहद कठिन हो जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल नगरी-सिहावा क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे तो अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों से भरोसा कम होगा और इसका सबसे अधिक असर आदिवासी छात्राओं की शिक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि शिक्षा की कमजोर व्यवस्था के कारण भविष्य में बच्चों के पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

इस समस्या के समाधान के लिए मनोज साक्षी ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने नगरी विकासखंड को विशेष शिक्षक भर्ती क्षेत्र घोषित करने, तीन महीने के भीतर सभी रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति करने, दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष भत्ता बढ़ाने तथा जिला शिक्षा अधिकारी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति की समीक्षा कर दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही।

मनोज साक्षी ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में उठाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कई गांव पहले से ही सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। अब शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है।

उन्होंने सरकार के डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं तो आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का लाभ बच्चों तक कैसे पहुंचेगा।