मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज, कई मंत्रियों के बदल सकते हैं विभाग
संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से कई केंद्रीय मंत्रियों के विभाग बदलने या नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक किसी भी फेरबदल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद में व्यापक बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सहित कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा कुछ अन्य राज्य मंत्रियों के नाम भी संभावित फेरबदल की अटकलों में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मंत्रालय में बदलाव हो सकता है। कुछ रिपोर्टों में पूर्व आरबीआई गवर्नर और वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े शक्तिकांत दास को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि यह भी केवल अटकलों के स्तर पर है और सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि संभावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। राजनीतिक समीकरणों और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर भी विचार किए जाने की चर्चा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं को भी अवसर मिलने की संभावना जताई गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मंत्रिमंडल में बदलाव होता है तो उसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों, संगठनात्मक आवश्यकताओं और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप नई जिम्मेदारियां तय करना हो सकता है। पिछले कुछ दिनों में भाजपा संगठन और सरकार के शीर्ष नेताओं की बैठकों के बाद इन अटकलों को और बल मिला है, लेकिन अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की औपचारिक स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल इन सभी नामों और संभावित बदलावों को लेकर केवल राजनीतिक चर्चाएं और मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं। जब तक केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक इन्हें संभावित फेरबदल से जुड़ी अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मानसून सत्र से पहले यदि मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल होता है, तभी इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।