ओवरलोड भूसा गाड़ी का टायर फटा, घंटों उड़ते भूसे से राहगीर परेशान

बालोद जिले के गुण्डरदेही-कांदुल मार्ग पर ओवरलोड भूसा से भरी गाड़ी का टायर फटने से सड़क पर भूसा फैल गया। तेज हवा के कारण कई घंटों तक उड़ते भूसे से बाइक सवारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Jun 29, 2026 - 15:26
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ओवरलोड भूसा गाड़ी का टायर फटा, घंटों उड़ते भूसे से राहगीर परेशान

UNITED NEWS OF ASIA. लीलाधर साहू, गुण्डरदेही l बालोद जिले के गुण्डरदेही-कांदुल-राजनांदगांव मार्ग पर सोमवार दोपहर एक ओवरलोड भूसा गाड़ी का टायर फटने से सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन सड़क पर फैले और तेज हवा में उड़ते भूसे के कारण कई घंटों तक राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना दोपहर लगभग 12 से 1 बजे के बीच हुई। भूसे से लदी गाड़ी में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक माल भरा गया था और भूसा डाला बॉडी से लगभग दो फीट बाहर तक निकला हुआ था। अचानक टायर फटने से बड़ी मात्रा में भूसा सड़क पर फैल गया। तेज हवा के चलते भूसा करीब दो से तीन घंटे तक लगातार उड़ता रहा, जिससे पूरे मार्ग पर दृश्यता प्रभावित हो गई।

उड़ते भूसे का सबसे अधिक असर बाइक सवारों और पैदल राहगीरों पर पड़ा। कई लोगों की आंखों में भूसा चला गया, जिससे उन्हें जलन और देखने में परेशानी हुई। कुछ मोटरसाइकिल चालक संतुलन खोने की स्थिति में पहुंच गए और दुर्घटना होते-होते बची। कई राहगीरों को आंखों में जलन और धूल-भूसे के कारण सड़क किनारे रुककर राहत लेनी पड़ी।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोड भूसा वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। इन वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक भूसा लादा जाता है और अधिकांश वाहनों में ऊपर तिरपाल भी नहीं लगाया जाता। इसके कारण रास्ते में लगातार भूसा उड़ता रहता है, जिससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी संबंधित विभागों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि पुलिस और परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण नियमों का खुलेआम उल्लंघन जारी है और आम नागरिक इसकी कीमत अपनी सुरक्षा से चुका रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पहले भी उड़ते भूसे के कारण कई लोगों की आंखों में गंभीर चोट पहुंच चुकी है और कुछ मामलों में आंखों की रोशनी प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने प्रशासन से ओवरलोड भूसा परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने, बिना तिरपाल चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।