पुनर्वासित युवाओं के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आत्मीय संवाद, साथ बैठकर किया नाश्ता
बीजापुर प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर युवक-युवतियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं को परिवार से जुड़े रहने, कौशल प्रशिक्षण, साक्षरता और वनोपज आधारित आजीविका के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री माननीय विजय शर्मा ने बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार सुबह पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां पुनर्वासित युवक-युवतियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ बैठकर सुबह का नाश्ता किया और उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए युवाओं को अपने परिवार से निरंतर संपर्क बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि रविवार को बीजापुर के साप्ताहिक बाजार में उनके परिजन आते हैं, ऐसे में पुनर्वास केंद्र में उनसे मुलाकात कर पारिवारिक जुड़ाव बनाए रखें। साथ ही मोबाइल फोन के माध्यम से नियमित बातचीत करने पर भी उन्होंने जोर दिया। उल्लेखनीय है कि सभी पुनर्वासित युवाओं को शासन द्वारा नि:शुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं।
युवाओं ने बताया कि वे मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप, यूट्यूब के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग जैसी सुविधाओं का भी उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं और मोबाइल सुविधा को लेकर संतोष और खुशी व्यक्त की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक में भाग लेने वाले युवाओं से उनके अनुभव साझा किए। कबड्डी, रस्साकसी सहित विभिन्न खेलों में शामिल युवाओं ने उत्साहपूर्वक अपने अनुभव बताए।
शर्मा ने बताया कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब ‘बस्तर पंडुम’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 12 विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर की आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, खान-पान और लोककलाओं को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने पुनर्वासित युवाओं से बस्तर पंडुम में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, जिस पर युवाओं ने उत्साह व्यक्त किया।
उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को पुनर्वास केंद्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गंभीरता से भाग लेकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कई युवा अभी असाक्षर हैं, जिन्हें साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ा गया है और उन्हें साक्षरता परीक्षा में सम्मिलित कराया जा रहा है।
वनोपज आधारित आजीविका पर जोर देते हुए शर्मा ने युवाओं से इमली, महुआ, टोरा, आंवला, चिरौंजी और तेंदूपत्ता जैसे बहुमूल्य वनोपज के संग्रहण की जानकारी ली। उन्होंने वैज्ञानिक संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से जुड़कर युवा आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।
इस अवसर पर एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।