बीजापुर के विकास में महिला समूहों की भूमिका अहम, वनोपज मूल्यवर्धन से बनेंगी ‘लखपति दीदी’ – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बीजापुर में सीएलएफ सदस्यों और वनोपज व्यापारियों के साथ बैठक कर इमली सहित वनोपज के मूल्यवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को घर के पास रोजगार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर ‘लखपति दीदी’ बन सकेंगी।

Jan 9, 2026 - 12:41
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बीजापुर के विकास में महिला समूहों की भूमिका अहम, वनोपज मूल्यवर्धन से बनेंगी ‘लखपति दीदी’ – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री माननीय विजय शर्मा ने कहा है कि बीजापुर जिले के समग्र विकास में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिले में वनोपज संग्रहण और उसके मूल्यवर्धन के माध्यम से महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ बनने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इसी उद्देश्य से बीजापुर में कार्यरत 16 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के पदाधिकारियों एवं वनोपज खरीदने वाले व्यापारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विशेष रूप से इमली के मूल्यवर्धन को प्रभावी आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं केवल कच्ची इमली बेचने तक सीमित न रहें, बल्कि इमली की ग्रेडिंग, बीज निष्कासन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से अधिक आमदनी प्राप्त कर सकती हैं। इमली के गूदे से चपाती, पाउडर और अन्य उत्पाद तैयार कर बाजार में बेहतर मूल्य हासिल किया जा सकता है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर जिले के कई गांवों में महिला समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर वनोपज का संग्रहण और प्रसंस्करण किया जा सकता है। इससे न केवल वनोपज का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि महिलाओं को घर के पास ही स्थायी रोजगार भी उपलब्ध होगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

बैठक में उपस्थित वनोपज व्यापारियों ने बताया कि कच्चे वनोपज की तुलना में मूल्यवर्धित उत्पादों से दो से चार गुना तक अधिक मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इस पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने इमली के साथ-साथ महुआ, टोरा, चिरौंजी और आंवला जैसे बहुमूल्य वनोपज के वैज्ञानिक संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने महिला समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और अध्ययन भ्रमण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नई तकनीक और बाजार की समझ से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इससे बस्तर क्षेत्र के वनोपज का सही मूल्य यहां के संग्राहकों को मिल सकेगा।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, एडीजी नक्सल ऑपरेशन  विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर  डोमन सिंह, कलेक्टर  संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।