मिडिल ईस्ट में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम, लागू हुआ 'Seafarer First' प्लान

अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते समुद्री खतरों के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए 'Seafarer First' प्लान लागू किया है। इसके तहत पश्चिम एशिया में कार्यरत प्रत्येक भारतीय नाविक की 24×7 निगरानी, रियल-टाइम ट्रैकिंग और समर्पित संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

Jul 15, 2026 - 17:59
 0  5
मिडिल ईस्ट में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम, लागू हुआ 'Seafarer First' प्लान

UNITED NEWS OF ASIA. मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों और एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'Seafarer First' प्लान लागू किया है। इस नई पहल के तहत पश्चिम एशिया के संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत प्रत्येक भारतीय नाविक की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले भारतीय नाविकों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही हर नाविक की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए विशेष संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुरक्षा व्यवस्था केवल भारतीय ध्वज वाले जहाजों तक सीमित नहीं रहेगी। किसी भी देश के झंडे वाले जहाज पर कार्यरत भारतीय नाविकों की पहचान कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और त्वरित सूचना प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस संबंध में सोमवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जहाजरानी राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर, विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएस), ईरान और ओमान में भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पश्चिम एशिया के समुद्री सुरक्षा हालात की विस्तृत समीक्षा करते हुए संभावित जोखिमों से निपटने की रणनीति तैयार की गई।

सरकार ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील समुद्री मार्गों से गुजर रहे सभी भारतीय नाविकों का नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। इसके अलावा जहाजों की गतिविधियों की लगातार निगरानी, सुरक्षा संबंधी अलर्ट और आवश्यक होने पर तत्काल राहत एवं समन्वय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के साथ-साथ भारतीय नाविकों की सुरक्षा को भी चुनौती दी है।

'Seafarer First' योजना के माध्यम से भारत सरकार का उद्देश्य विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को मजबूत करना, संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और समुद्री क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और हालात पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।