870 ग्राम के अति समयपूर्व नवजात को जिला अस्पताल ने दिया नया जीवन, एक माह बाद स्वस्थ होकर घर लौटा

कवर्धा जिला अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) ने 870 ग्राम वजन के अति समयपूर्व जन्मे नवजात का सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया। लगभग एक माह तक चले गहन उपचार के बाद नवजात का वजन बढ़कर 1600 ग्राम हो गया और स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

Jul 15, 2026 - 18:21
 0  4
870 ग्राम के अति समयपूर्व नवजात को जिला अस्पताल ने दिया नया जीवन, एक माह बाद स्वस्थ होकर घर लौटा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा जिला अस्पताल ने नवजात शिशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए मानवता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया है। अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में मात्र 870 ग्राम वजन के अति समयपूर्व (एक्सट्रीम प्रीटर्म) जन्मे नवजात शिशु का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेजा गया। जन्म के समय शिशु की स्थिति बेहद गंभीर थी और उसके जीवित रहने की संभावना काफी कम मानी जा रही थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पित प्रयासों से इस नन्ही जान को नया जीवन मिला।

जन्म के तुरंत बाद नवजात को जिला अस्पताल की एसएनसीयू में भर्ती किया गया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शलिल मिश्रा के मार्गदर्शन में डॉ. त्रिभुवन जायसवाल तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने उसकी चौबीसों घंटे निगरानी की। उपचार के दौरान शिशु को श्वसन सहायता, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, संक्रमण से सुरक्षा, संतुलित पोषण और नवजात गहन चिकित्सा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

लगातार लगभग एक माह तक चले उपचार और विशेषज्ञ देखभाल के सकारात्मक परिणाम सामने आए। इस दौरान नवजात की स्वास्थ्य स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उसका वजन 870 ग्राम से बढ़कर 1600 ग्राम तक पहुंच गया। सभी चिकित्सकीय जांचों में स्थिति सामान्य और स्थिर पाए जाने के बाद चिकित्सकों ने उसे स्वस्थ घोषित करते हुए अस्पताल से डिस्चार्ज कर परिजनों को सौंप दिया।

डॉ. त्रिभुवन जायसवाल ने बताया कि अत्यंत कम वजन और समयपूर्व जन्म लेने वाले नवजातों का उपचार काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में हर पल विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। संक्रमण से सुरक्षा, संतुलित पोषण, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, निरंतर मॉनिटरिंग और पूरी मेडिकल टीम के समन्वित प्रयास ही ऐसे बच्चों को सुरक्षित जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सिविल सर्जन डॉ. केशव धुव्र ने इस उपलब्धि पर एसएनसीयू की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता जिला अस्पताल में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक नवजात चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता और नर्सिंग स्टाफ की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक मरीज, विशेष रूप से नवजात और गंभीर रोगियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है और भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती रहेंगी।

नवजात के माता-पिता ने भावुक होकर चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की विशेषज्ञता, संवेदनशील देखभाल और पूरी टीम की अथक मेहनत के कारण उनके बच्चे को नया जीवन मिला। परिजनों ने जिला अस्पताल की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस सफलता ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत किया है।