समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एग्री स्टेक पंजीयन अनिवार्य, 30 जुलाई तक कराएं रजिस्ट्रेशन

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों का एग्री स्टेक (किसान आईडी) पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों का पंजीयन नहीं होगा, वे एमएसपी पर धान की बिक्री नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने 30 जुलाई तक सभी खातेदारों और सह-खातेदारों से पंजीयन कराने की अपील की है।

Jul 15, 2026 - 18:04
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समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए एग्री स्टेक पंजीयन अनिवार्य, 30 जुलाई तक कराएं रजिस्ट्रेशन

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान बेचने के लिए किसानों के लिए एग्री स्टेक (किसान आईडी) पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। शासन के नए निर्देशों के अनुसार जिन किसानों का एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीयन नहीं होगा, वे इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री नहीं कर पाएंगे। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील की है।

नई व्यवस्था के तहत अब केवल मुख्य खातेदार का ही नहीं, बल्कि ऋण पुस्तिका में दर्ज सभी खातेदारों और सह-खातेदारों का भी अलग-अलग एग्री स्टेक पंजीयन अनिवार्य होगा। प्रत्येक खातेदार और सह-खातेदार की अलग यूनिक किसान आईडी बनाई जाएगी, जिसके आधार पर धान खरीदी के दौरान उनकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों को इस नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए जिला प्रशासन व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। सहकारी केंद्रीय बैंक, सेवा सहकारी समितियों, शाखा प्रबंधकों, समिति प्रभारियों, पटवारियों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (आरएईओ) के माध्यम से किसानों को लगातार जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही गांवों में कोटवारों के जरिए मुनादी कराकर भी किसानों को समय पर पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अधिकारियों ने किसानों से आग्रह किया है कि जिनका एग्री स्टेक पंजीयन अभी तक नहीं हुआ है, वे 30 जुलाई से पहले अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन करा लें। इसके लिए किसान अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), सेवा सहकारी समिति या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। किसान चाहें तो स्वयं भी एग्री स्टेक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।

कृषि विभाग के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान किसानों की पहचान बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित करना, फर्जी और दोहराव वाले पंजीयन पर रोक लगाना तथा पूरी खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। पंजीयन के बाद किसान अपनी किसान आईडी की स्थिति भी पोर्टल पर ऑनलाइन देख सकेंगे।

राजस्व और कृषि विभाग द्वारा छूटे हुए किसानों, खातेदारों और सह-खातेदारों की सूची ग्राम पंचायतों, सेवा सहकारी समितियों तथा संबंधित पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के पास उपलब्ध कराई गई है। किसान इन सूचियों में अपना नाम देखकर समय रहते पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

एग्री स्टेक पंजीयन के लिए किसानों को ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर सीएससी या संबंधित केंद्र पर जाना होगा। यदि किसी किसान की भूमि अलग-अलग स्थानों पर है तो उसकी एक ही किसान आईडी बनाई जाएगी, जबकि संयुक्त खाते की स्थिति में प्रत्येक खातेदार और सह-खातेदार की अलग-अलग यूनिक किसान आईडी जारी की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते पंजीयन पूरा कर समर्थन मूल्य पर धान विक्रय की पात्रता सुनिश्चित करें।