बिजली बिल समाधान योजना का दायरा बढ़ा, अब न्यायालयीन मामलों में भी मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के तहत अब न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा। उपभोक्ताओं को न्यायालय से अपना मामला वापस लेकर योजना में आवेदन करना होगा। योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है और अब तक 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को 18.28 करोड़ रुपये की छूट मिल चुकी है।

Jul 15, 2026 - 18:25
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बिजली बिल समाधान योजना का दायरा बढ़ा, अब न्यायालयीन मामलों में भी मिलेगी राहत

UNITED NEWS OF ASIA. मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के तहत बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए अब न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने घोषणा की है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल से जुड़े मामले न्यायालय में लंबित हैं, वे अपना प्रकरण वापस लेकर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप उपभोक्ताओं से मिल रहे सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों के उपभोक्ताओं को पहले अपना प्रकरण वापस लेना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर उन्हें योजना के तहत मिलने वाली छूट और अन्य सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।

मुख्य अभियंता हर्ष कुमार मेश्राम ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत निम्नदाब घरेलू, बीपीएल तथा कृषि श्रेणी के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल की मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में नियमानुसार छूट दी जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करना और पुराने बकाया बिजली बिलों का आसान समाधान उपलब्ध कराना है।

राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सात विद्युत संभागों में इस योजना का व्यापक लाभ मिल रहा है। इनमें सबसे अधिक लाभ कवर्धा संभाग के 21,478 उपभोक्ताओं को मिला है। इसके अलावा पंडरिया में 19,815, मोहला में 2,906, राजनांदगांव में 4,998, खैरागढ़ में 3,589, डोंगरगढ़ में 5,263 तथा डोंगरगांव में 1,242 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित हुए हैं।

इन सभी उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि और सरचार्ज में कुल 18 करोड़ 28 लाख रुपये की छूट दी जा चुकी है। साथ ही लाभान्वित उपभोक्ताओं ने लगभग 5 करोड़ 4 लाख 82 हजार रुपये की बकाया राशि का भुगतान भी किया है। योजना के माध्यम से अब तक चार जिलों के 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिल चुकी है।

बिजली वितरण कंपनी ने बीपीएल, घरेलू और कृषि श्रेणी के उन सभी उपभोक्ताओं से अपील की है, जिन पर 31 मार्च 2023 से पहले के बिजली बिल बकाया हैं, कि वे 30 सितंबर 2026 तक अपने निकटतम वितरण केंद्र या जोन कार्यालय पहुंचकर योजना का लाभ उठाएं। विभाग का कहना है कि समय पर बकाया राशि का निपटारा करने से उपभोक्ता आर्थिक बोझ से मुक्त होंगे और भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों को राहत देते हुए उन्हें बिना पुराने बकाया के बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध कराना है।