जंतर-मंतर प्रदर्शन पर CJP का सरकार और जनता पर निशाना, कम भीड़ को लेकर उठाए सवाल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने के बाद पार्टी की प्रवक्ता विजेता दहिया ने सरकार के साथ-साथ आम लोगों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आंदोलन को पर्याप्त जनसमर्थन नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से देश के मुद्दों पर आगे आने की अपील की।

Jul 15, 2026 - 13:52
 0  5
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर CJP का सरकार और जनता पर निशाना, कम भीड़ को लेकर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व ने सरकार के साथ-साथ आम लोगों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी की प्रवक्ता विजेता दहिया ने आंदोलन में कम संख्या में लोगों के पहुंचने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोगों को आगे आना चाहिए।

CJP ने दावा किया था कि सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़े हैं और लाखों समर्थक आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी दिल्ली पहुंचने से पहले बड़ी सदस्य संख्या का दावा किया था। हालांकि, जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंचने के बाद संगठन के नेताओं ने इसे चिंता का विषय बताया।

एक मीडिया बातचीत के दौरान विजेता दहिया ने कहा कि आंदोलन में शामिल होने के लिए झारखंड, बिहार, असम और अन्य राज्यों से लोग दिल्ली पहुंचे, लेकिन राजधानी में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यदि लोग देश के मुद्दों पर आवाज नहीं उठाते, तो केवल राष्ट्रीय अवसरों पर देशभक्ति व्यक्त करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

दहिया ने यह भी कहा कि आंदोलन को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि आम जनता, विपक्षी दलों और समाज के प्रभावशाली लोगों का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से सुझाव देने की अपील की कि आंदोलन को किस प्रकार आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि उसकी प्रभावशीलता बनी रहे।

अपने बयान में उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का भी उल्लेख किया और कहा कि उनसे लगातार अनशन समाप्त करने की अपील की जा रही है, लेकिन आंदोलन की मांगों को लेकर अभी तक संतोषजनक समाधान सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलता, तो आगे की रणनीति तय करना अधिक आसान होता।

दहिया ने कहा कि यदि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते, तो यह आंदोलन की मजबूती का संकेत होता। उनके अनुसार, वर्तमान स्थिति में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलने से आंदोलन की दिशा और आगे की रणनीति पर विचार करना पड़ रहा है।

उधर, प्रदर्शन में कम भीड़ और विजेता दहिया के बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने राष्ट्रीय पर्वों को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति भी जताई। फिलहाल CJP का प्रदर्शन जारी है और पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगा।