ओंकारेश्वर में 24 घंटे में डूबने की तीन घटनाएं, एक श्रद्धालु की मौत, तीन लोगों की बची जान

मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में पिछले 24 घंटे के दौरान नर्मदा नदी में डूबने की तीन घटनाएं सामने आईं। पिपरिया से आए एक युवक की मौत हो गई, जबकि दिल्ली की एक महिला और उज्जैन से आए पिता-पुत्र को नाविकों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। घटनाओं के बाद घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

Jul 14, 2026 - 13:33
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ओंकारेश्वर में 24 घंटे में डूबने की तीन घटनाएं, एक श्रद्धालु की मौत, तीन लोगों की बची जान

UNITED NEWS OF ASIA. खंडवा। मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में डूबने की लगातार घटनाओं ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान डूबने की तीन अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। इनमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि दिल्ली से आई महिला श्रद्धालु और उज्जैन से आए पिता-पुत्र को नाविकों की सतर्कता से सुरक्षित बचा लिया गया।

जानकारी के अनुसार, नर्मदापुरम जिले के पिपरिया से नौ लोगों का एक दल ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। इसी दौरान समूह का एक युवक ब्रह्मपुरी घाट पर नर्मदा नदी में नहाते समय गहरे पानी में चला गया और डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

इसी बीच केवलराम घाट पर दो अलग-अलग हादसे सामने आए। पहली घटना में दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में चली गई। दूसरी घटना में उज्जैन से आए पिता-पुत्र भी नर्मदा में डूबने लगे। दोनों मामलों में मौके पर मौजूद नाविकों ने तत्काल नदी में छलांग लगाकर राहत अभियान चलाया और तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

स्थानीय नाविक मुकेश वर्मा ने बताया कि केवलराम घाट के सामने नदी में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं। बाहर से आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं को इन स्थानों की जानकारी नहीं होती, जिसके कारण वे अनजाने में गहरे पानी में चले जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान करने की अपील की।

लगातार सामने आ रही डूबने की घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित गोताखोरों और पर्याप्त लाइफगार्ड की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

पुलिस और प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नर्मदा में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें, गहरे पानी में जाने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यक व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है।