बाल संप्रेक्षण गृह से फरार 4 नाबालिगों ने पहले रची हत्या की साजिश, चौकीदार की हत्या कर हुए फरार

बिलासपुर के बाल संप्रेक्षण गृह में चार विधि-विरुद्ध बालकों ने चौकीदार की हत्या कर फिल्मी अंदाज में फरार होने की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चारों की तलाश तेज कर दी है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Jul 14, 2026 - 14:00
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बाल संप्रेक्षण गृह से फरार 4 नाबालिगों ने पहले रची हत्या की साजिश, चौकीदार की हत्या कर हुए फरार

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सरकंडा बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की हत्या और चार विधि-विरुद्ध बालकों के फरार होने की सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जेल शिफ्ट किए जाने से पहले ही हत्या और फरारी की पूरी योजना तैयार कर ली थी। घटना के बाद सरकंडा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चारों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर दिया है।

जानकारी के अनुसार तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद निवासी नरेंद्र कुमार खांडे पिछले लगभग एक वर्ष से बाल संप्रेक्षण गृह में संविदा पर नाइट चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। रविवार देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच चारों बालकों ने मिलकर उन पर हमला किया। पहले उनके हाथ-पैर बांध दिए गए, फिर गला दबाया गया और मुंह में गमछा ठूंस दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपियों ने दूसरे चौकीदार की मोटरसाइकिल और परिसर के ताले की चाबी अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद वे भवन की छत पर पहुंचे, वहां से दूसरी छोटी छत पर उतरकर सुरक्षा के लिए लगाए गए कांटेदार तार को हटाया और लकड़ी की सीढ़ी की मदद से परिसर से बाहर निकल गए। फरार होने से पहले आरोपियों ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी निकाल लिया, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें।

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सामान्यतः बाल संप्रेक्षण गृह में विधि-विरुद्ध बालकों को अलग-अलग कमरों में रखा जाता था, लेकिन घटना वाली रात चारों एक ही स्थान पर मौजूद थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि उन्हें एक साथ रहने की अनुमति किस आधार पर दी गई और सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

घटना के बाद मृत चौकीदार के परिजन बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मृतक के परिवार के लिए आर्थिक मुआवजा और एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि पूरी रात चौकीदार का शव पहली मंजिल पर पड़ा रहा, लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। इससे संस्थान की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इधर पुलिस ने फरार चारों बालकों की तलाश तेज कर दी है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच कर रही है, जबकि सीसीटीवी सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। घटना की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि सुरक्षा में हुई लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।