धान खरीदी में 81.19 लाख के गबन का मामला, समिति प्रबंधक समेत 8 पर केस दर्ज
कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में धान एवं बारदानों के गबन से शासन को 81.19 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में समिति प्रबंधक सहित आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी के घर से 16 लाख रुपये नकद, बैंक पासबुक, लैपटॉप और सीपीयू जब्त किए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र में धान खरीदी से जुड़े बड़े आर्थिक गड़बड़ी के मामले का खुलासा हुआ है। सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में धान एवं खाली बारदानों के गबन से शासन को 81 लाख 19 हजार 502 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने समिति प्रबंधक सहित आठ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार जिला सहकारी बैंक मर्यादित राजनांदगांव शाखा सहसपुर लोहारा के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार गंधर्व की शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायत में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी एवं बारदानों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
जांच में सामने आया कि समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने कथित रूप से मिलीभगत कर अमानत में खयानत करते हुए शासन को करोड़ों नहीं बल्कि 81.19 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) एवं 3(5) के तहत तीन अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं।
अपराध क्रमांक 79/2026 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी बलदाऊ डडसेना और कंप्यूटर ऑपरेटर बिहारी राम साहू को आरोपी बनाया गया है। अपराध क्रमांक 80/2026 में गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी तुकाराम साहू और कंप्यूटर ऑपरेटर पीलूराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। वहीं अपराध क्रमांक 81/2026 में गंगादास मानिकपुरी और कंप्यूटर ऑपरेटर महावीर साहू को आरोपी बनाया गया है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी गंगादास मानिकपुरी के घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, एक लैपटॉप और एक सीपीयू जब्त किया। पूछताछ में आरोपी के परिवार के सदस्य नकदी के स्रोत के संबंध में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके।
पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि आर्थिक अपराध से जुड़े इस मामले में सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।