समीक्षा अवधि के दौरान ई-चालान प्रणाली के प्रभावी संचालन, अपहरण के मामलों के त्वरित निराकरण, चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं में आरोपियों की धरपकड़, नारकोटिक एक्ट तथा आर्म्स एक्ट के प्रकरणों में सशक्त कार्रवाई कर अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान दिया गया। इसी क्रम में कुल 26 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
सम्मानित होने वालों में 02 निरीक्षक, 01 सहायक उपनिरीक्षक, 06 प्रधान आरक्षक, 15 आरक्षक तथा 02 महिला आरक्षक शामिल हैं। चयनित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अलग-अलग थानों एवं शाखाओं में रहते हुए अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और टीमवर्क के साथ कार्य करते हुए आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वालों में यातायात शाखा, ए.सी.सी.यू., डीएसबी, रक्षित केंद्र तथा विभिन्न थाना क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इन कर्मियों ने विशेष रूप से सड़क सुरक्षा, आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई तथा अवैध हथियारों के मामलों में प्रभावी कार्यवाही कर विभाग की छवि को और सुदृढ़ किया।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सभी सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करना ही पुलिस सेवा की सच्ची पहचान है। उन्होंने सभी कर्मियों को भविष्य में भी इसी प्रकार समर्पण, संवेदनशीलता और उत्कृष्टता के साथ कार्य करते हुए जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर, पुलिस उपायुक्त (क्राइम एंड साइबर) स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप कुमार पटेल तथा पुलिस उपायुक्त (यातायात) विकास कुमार सहित रायपुर कमिश्नरेट के अन्य राजपत्रित पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सम्मानित कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और कार्य संस्कृति में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा उत्पन्न होती है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ईमानदार और समर्पित पुलिसकर्मियों को पहचान और प्रोत्साहन देना विभाग की प्राथमिकता है, जिससे भविष्य में भी रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।