30 घंटे से बिजली गुल, आक्रोशित ग्रामीणों ने देर रात बिजली कार्यालय का किया घेराव

महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के माधोपाली गांव में 30 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देर रात ग्रामीणों ने सरायपाली सब स्टेशन पहुंचकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिजली नहीं होने से पेयजल संकट गहरा गया है और करीब 1200 की आबादी वाला गांव भारी परेशानियों का सामना कर रहा है।

Jun 1, 2026 - 15:12
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30 घंटे से बिजली गुल, आक्रोशित ग्रामीणों ने देर रात बिजली कार्यालय का किया घेराव

UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल l महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के माधोपाली गांव में लगातार 30 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से परेशान ग्रामीण रविवार देर रात सरायपाली स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गए और सब स्टेशन का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल बिजली बहाल करने की मांग की।

जानकारी के अनुसार माधोपाली गांव में करीब 1200 लोगों की आबादी निवास करती है। गांव में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी पेयजल व्यवस्था को लेकर सामने आई है। बिजली नहीं होने से मोटर पंप बंद पड़े हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली बहाल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार देर रात बड़ी संख्या में ग्रामीण बिजली कार्यालय पहुंच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात लगभग 11 बजे माधोपाली के ग्रामीण सरायपाली सब स्टेशन पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन में महिलाओं और युवाओं की भी भागीदारी देखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि भीषण गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। घरों में अंधेरा छाया हुआ है, मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे हैं और पेयजल संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग को कई बार समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि तकनीकी खराबी थी तो उसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए था। लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने मांग की कि बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

माधोपाली में उत्पन्न इस स्थिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। गांवों में बिजली बाधित होने का सीधा असर पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामान्य जनजीवन पर पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि विभाग त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल बिजली बहाल करे, बल्कि भविष्य के लिए भी विश्वसनीय व्यवस्था सुनिश्चित करे।

फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें बिजली विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर गांव में सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी।