आयुर्वेदिक परिषद का स्पष्टीकरण, बालक दास चंदेल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं

छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद ने स्पष्ट किया है कि बालक दास चंदेल परिषद में पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं हैं। परिषद ने बताया कि उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के लिए कबीरधाम पुलिस को पत्र भी भेजा गया है।

Jul 17, 2026 - 18:32
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आयुर्वेदिक परिषद का स्पष्टीकरण, बालक दास चंदेल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, रायपुर ने विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि बालक दास चंदेल परिषद में पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं हैं और उनका नाम राज्य के अधिकृत रजिस्टर में दर्ज नहीं है।

परिषद द्वारा जारी पत्र के अनुसार 16 जुलाई 2026 को कुछ समाचार पत्रों में बालक दास चंदेल को आयुर्वेदिक डॉक्टर बताते हुए उनकी गिरफ्तारी संबंधी समाचार प्रकाशित किए गए थे। इस पर परिषद ने तथ्य स्पष्ट करते हुए कहा कि बालक दास चंदेल (35 वर्ष) का नाम छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के राज्य रजिस्टर में पंजीकृत नहीं है।

परिषद ने बताया कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, 1970 एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम, 2020 के प्रावधानों के अनुसार राज्य में केवल वही व्यक्ति आयुर्वेद चिकित्सा व्यवसाय कर सकता है, जिसका विधिवत पंजीयन परिषद में किया गया हो।

परिषद के अनुसार केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से आयुर्वेद चिकित्सा की उपाधि प्राप्त करने वाले स्नातक चिकित्सकों का ही परिषद में पंजीयन किया जाता है। बिना पंजीकरण किसी भी व्यक्ति को आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में चिकित्सा व्यवसाय करने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

परिषद ने यह भी जानकारी दी कि बालक दास चंदेल के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई किए जाने के संबंध में कबीरधाम पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। परिषद ने संबंधित प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

परिषद ने समाचार माध्यमों से भी आग्रह किया है कि चिकित्सकों से संबंधित समाचार प्रकाशित करते समय पंजीकरण संबंधी तथ्य की पुष्टि कर ही जानकारी प्रकाशित करें, ताकि आमजन में किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।

गौरतलब है कि हाल ही में बालक दास चंदेल की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों में उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सक बताया गया था। परिषद ने अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में स्पष्ट किया है कि उनका परिषद के राज्य रजिस्टर में कोई पंजीकरण नहीं है तथा उन्हें पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सक नहीं माना जा सकता।