दिल्ली के रॉकलैंड्स हॉस्पिटल पर ED की बड़ी कार्रवाई, PMLA के तहत 158 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली स्थित रॉकलैंड्स हॉस्पिटल लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 158.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। एजेंसी का आरोप है कि मेडिकल इम्प्लांट्स और निर्माण लागत के नाम पर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं की गईं।

Jul 16, 2026 - 15:21
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दिल्ली के रॉकलैंड्स हॉस्पिटल पर ED की बड़ी कार्रवाई, PMLA के तहत 158 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली स्थित रॉकलैंड्स हॉस्पिटल लिमिटेड के खिलाफ धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 158.37 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

ईडी का आरोप है कि अस्पताल के प्रमोटरों ने 71 कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए मेडिकल इम्प्लांट्स की खरीद के नाम पर 76.03 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए। जांच में यह भी सामने आया कि सहयोगी कंपनी ‘सौम्या कंस्ट्रक्शंस’ के माध्यम से अस्पताल निर्माण की लागत को कथित रूप से 82.34 करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। एजेंसी का दावा है कि इन तरीकों के जरिए कंपनी के धन का दुरुपयोग किया गया और करोड़ों रुपये का गबन किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कथित अवैध धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए शेल कंपनियों और अकोमोडेशन एंट्री ऑपरेटरों का सहारा लिया गया। इन माध्यमों से वित्तीय लेनदेन को वैध दिखाने और धन के प्रवाह को छिपाने का प्रयास किया गया। एजेंसी अब इन लेनदेन की पूरी श्रृंखला की गहन जांच कर रही है ताकि धन के वास्तविक उपयोग और लाभार्थियों की पहचान की जा सके।

ईडी ने बताया कि इस मामले की जांच कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन कार्यरत सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की जांच रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई। SFIO ने जनवरी 2020 में रॉकलैंड्स हॉस्पिटल लिमिटेड के प्रमोटरों के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोपों में आरोपपत्र दाखिल किया था। उसी रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर एजेंसी ने 158.37 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों पर अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। हालांकि, ईडी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन-किन संपत्तियों को कुर्क किया गया है। वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोपों पर रॉकलैंड्स हॉस्पिटल या उसके प्रमोटरों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं में अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की क्या भूमिका रही और अवैध धन का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया।