E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का केंद्र पर निशाना, सरकार ने कार्यक्रम को बताया सुरक्षित

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए इसे आम लोगों पर थोपा गया प्रयोग बताया है। उन्होंने दावा किया कि इससे वाहनों के माइलेज और प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। वहीं केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक आधार पर लागू किया गया है और यह सुरक्षित एवं उपभोक्ता हितैषी है।

Jul 3, 2026 - 17:12
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E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का केंद्र पर निशाना, सरकार ने कार्यक्रम को बताया सुरक्षित

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि देशभर के वाहन चालकों पर जबरन E20 पेट्रोल थोपा जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्यक्रम को वैज्ञानिक, सुरक्षित और उपभोक्ता हितैषी बताया है।

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी वीडियो संदेश में दावा किया कि E20 पेट्रोल के उपयोग से कई लोगों के वाहनों में तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और कई उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश को एक "प्रयोगशाला" बना दिया है और लोगों पर बिना पर्याप्त सहमति के यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

केजरीवाल ने कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे और आम नागरिकों से भी सुझाव मांगेंगे, ताकि उनकी चिंताओं को पत्र के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि E20 ईंधन को किसी प्रकार का प्रयोग माना जा रहा है तो इसे पूरे देश में लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और सार्वजनिक चर्चा क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि किसी वाहन को E20 के उपयोग से नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

हालांकि, केंद्र सरकार ने इन दावों को स्वीकार नहीं किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम की नियमित निगरानी की जा रही है और सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावे तथ्यात्मक रूप से गलत पाए गए हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल के उपयोग से वाहन बीमा की वैधता प्रभावित होने जैसी आशंकाएं निराधार हैं। मंत्रालय का कहना है कि संबंधित हितधारकों से चर्चा के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।

केंद्र सरकार ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2003 में की गई थी। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम के कारण देश को विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर बने हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिला है। सरकार का कहना है कि अमेरिका, ब्राजील और जापान सहित कई देशों में भी इथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस जारी है, जबकि सरकार और विपक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं।