आरजी कर केस: पीड़िता की विधायक मां बोलीं- 7 दिन में न्याय का वादा था, दो महीने बाद भी इंतजार

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर मामले में पीड़िता की मां और भाजपा विधायक रत्ना डेबनाथ ने कहा है कि सरकार बनने के बाद सात दिन में न्याय दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन दो महीने बाद भी न्याय नहीं मिला। हालांकि उन्होंने सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि सभी दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।

Jul 4, 2026 - 12:49
 0  2
आरजी कर केस: पीड़िता की विधायक मां बोलीं- 7 दिन में न्याय का वादा था, दो महीने बाद भी इंतजार

UNITED NEWS OF ASIA. कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर मामले में एक बार फिर न्याय की मांग तेज होती दिखाई दे रही है। पीड़िता की मां और भाजपा विधायक रत्ना डेबनाथ ने सरकार बनने के दो महीने बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें सात दिन के भीतर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उनकी बेटी के मामले में न्याय नहीं मिल पाया है।

मीडिया से बातचीत में रत्ना डेबनाथ ने कहा कि सरकार ने अपने अधिकांश वादे पूरे किए हैं, लेकिन उनकी बेटी के मामले में किया गया सात दिन में न्याय का वादा अभी तक पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनका सरकार पर विश्वास कायम है और उन्हें भरोसा है कि इस मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।

रत्ना डेबनाथ ने यह भी कहा कि उनकी बेटी की हत्या करने वाले और मामले में कथित रूप से सबूत छिपाने वाले लोग भी अपराधी हैं। उनके अनुसार सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों को वह इंसान मानने को भी तैयार नहीं हैं।

इससे पहले पीड़िता के पिता शेखर रंजन डेबनाथ ने भी न्याय मिलने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने कहा था कि हाल के अन्य मामलों में हुई कार्रवाई से उनका भरोसा मजबूत हुआ है कि उनकी बेटी के मामले में भी दोषियों को सजा मिलेगी। परिवार ने अदालत की निगरानी में चल रही जांच को भी न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

गौरतलब है कि यह मामला 9 अगस्त 2024 का है, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार कक्ष में 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले को लेकर डॉक्टरों, चिकित्सा संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई थी।

आरजी कर मामला देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक बना हुआ है। जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पीड़िता का परिवार अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और उम्मीद जता रहा है कि मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होगी।