छिंदवाड़ा से पचमढ़ी और नागद्वार तक 96 किलोमीटर की ऐतिहासिक कावड़ पदयात्रा, 29 घंटे में पहुंचे श्रद्धालु

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के ग्राम नेर में जयकुमार नागवंशी और हर हर महादेव भूराभगत महाराज मित्रमंडल के तत्वावधान में नाग पंचमी के अवसर पर 96 किलोमीटर की ऐतिहासिक कावड़ एवं पदयात्रा निकाली गई। 29 घंटे की यात्रा के बाद श्रद्धालु पचमढ़ी से नागद्वार और चौरागढ़ स्थित भूराभगत भोलेनाथ मंदिर पहुंचे, जहां नर्मदा सहित नौ नदियों के जल से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। आयोजन का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ।

Aug 19, 2026 - 11:33
 0  2
छिंदवाड़ा से पचमढ़ी और नागद्वार तक 96 किलोमीटर की ऐतिहासिक कावड़ पदयात्रा, 29 घंटे में पहुंचे श्रद्धालु

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के ग्राम नेर में नाग पंचमी के पावन अवसर पर हर हर महादेव भूराभगत महाराज मित्रमंडल नेर के तत्वावधान में ऐतिहासिक कावड़ एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया। जयकुमार नागवंशी और समस्त मित्रमंडल के नेतृत्व में निकली इस विशाल धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने उत्साह और आस्था के साथ सहभागिता की।

17 अगस्त 2026 को शुरू हुई यह पदयात्रा पचमढ़ी से नागद्वार और चौरागढ़ स्थित भूराभगत भोलेनाथ मंदिर तक पहुंची। श्रद्धालुओं ने करीब 96 किलोमीटर की दूरी 29 घंटे में पैदल तय की। कठिन रास्तों, घने जंगलों और हरियाली के बीच शिवभक्तों का कारवां लगातार आगे बढ़ता रहा। यात्रा के दौरान हर हर महादेव, जय भूराभगत महाराज और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।

यात्रा के दौरान नागद्वार पहुंचकर नागदेव की पूजा-अर्चना की गई। जयकुमार नागवंशी ने मां नर्मदा सहित नौ नदियों के जल और दूध से नागदेव का अभिषेक किया तथा माथा टेककर क्षेत्र और देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु चौरागढ़ स्थित भूराभगत भोलेनाथ मंदिर पहुंचे, जहां पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।

आयोजन में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ देश के अन्य हिस्सों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया। यात्रा के दौरान घने जंगलों और कठिन रास्तों के बीच भी भक्तों का उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ नागद्वार एवं चौरागढ़ पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना की।

जयकुमार नागवंशी ने नागद्वार एवं चौरागढ़ के पुजारियों से श्रद्धालुओं की संख्या के संबंध में जानकारी ली। आयोजकों के अनुसार पुजारियों ने बताया कि पिछले करीब 10 वर्षों में पहली बार लगभग 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने-जाने और दर्शन करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या से संबंधित यह आंकड़ा आयोजन से जुड़े लोगों द्वारा बताया गया है।

जयकुमार नागवंशी ने बताया कि यह विशाल कावड़ एवं पदयात्रा देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर निकाली गई थी। उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूरी आस्था और उत्साह के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी की।

यात्रा के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने यात्रा में शामिल सभी भक्तों, मित्रमंडल के सदस्यों, सहयोगियों और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं और सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

आयोजकों ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को इसी तरह आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा। नागद्वार और चौरागढ़ की इस कावड़ पदयात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था, सामूहिक सहभागिता और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान लगातार गूंजते हर हर महादेव और जय भूराभगत महाराज के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।