तमिलनाडु में जेन ग्रेनाइट मालिक आर. वीरमणि के खिलाफ पांचवां यौन उत्पीड़न मामला दर्ज
तमिलनाडु में जेन ग्रेनाइट के मालिक आर. वीरमणि के खिलाफ यौन उत्पीड़न का पांचवां मामला दर्ज किया गया है। तिरुवन्नामलाई की एक महिला ने नौकरी का झांसा देकर कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले की जांच SIT कर रही है और वीरमणि पहले से गुंडा एक्ट के तहत हिरासत में हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. तमिलनाडु में जेन ग्रेनाइट के मालिक 84 वर्षीय आर. वीरमणि के खिलाफ यौन उत्पीड़न का एक और मामला दर्ज किया गया है। यह उनके खिलाफ दर्ज पांचवां मामला बताया जा रहा है। नए मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT द्वारा की जा रही है। पुलिस और जांच एजेंसियां सामने आई शिकायतों तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।
SIT के अनुसार, तिरुवन्नामलाई की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब वह नाबालिग थी और चेन्नई आई थी, तब वीरमणि ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया। महिला ने हाल ही में SIT से संपर्क किया, जिसके बाद शिकायत की जांच शुरू की गई।
पुलिस के मुताबिक नया मामला चेन्नई निवासी महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि वीरमणि के खिलाफ लगातार नई शिकायतें सामने आ रही हैं। इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आर. वीरमणि को 29 अगस्त को उनके कथित सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन के साथ गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद की गई थी। इसके बाद वीरमणि को गुंडा एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया।
मामले ने उस समय राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा पैदा की, जब यह सामने आया कि पुलिस ने फरवरी 2026 में POCSO मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, अगस्त 2026 में अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया और मामले में आगे जांच करने के निर्देश दिए।
अदालत के निर्देश के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान अब तक चार गिरफ्तारियां होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां वीरमणि के खिलाफ सामने आए नाबालिगों से जुड़े मामलों के साथ-साथ अन्य शिकायतों की भी पड़ताल कर रही हैं।
SIT को वीरमणि से जुड़े मामले में एक कथित WhatsApp नंबर के माध्यम से भी शिकायतें मिलने की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, इस नंबर पर प्राप्त सूचनाओं में पांच अन्य संभावित मामले सामने आए हैं। इन शिकायतों की फिलहाल पुष्टि की जा रही है और SIT शिकायतकर्ताओं से जानकारी जुटाने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक कुछ शिकायतकर्ता अब शादीशुदा हैं और अपने परिवारों के साथ रह रही हैं। ऐसे मामलों में पुराने घटनाक्रम और शिकायतों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुलिस और SIT का कहना है कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आर. वीरमणि के खिलाफ दर्ज पांचवें मामले की जांच जारी है।