फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज, सरकार की सख्ती के बीच 5 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां

फ्रांस में स्कूल व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। आंदोलन के दौरान कई जगह स्कूल बंद करने, कूड़ेदानों में आग लगाने और हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। सरकार ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए सख्त कार्रवाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 5 हजार से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

Oct 4, 2026 - 19:53
 0  4
फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज, सरकार की सख्ती के बीच 5 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां

UNITED NEWS OF ASIA. फ्रांस में छात्र आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। स्कूल व्यवस्था से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर हाईस्कूल के हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के दौरान कई जगह स्कूलों के गेट बंद किए गए और कूड़ेदानों में आग लगाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार और पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलन के दौरान सोमवार से अब तक 5 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को ही करीब 1,747 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और कुछ स्थानों पर हुई हिंसक घटनाओं के कारण प्रशासन के सामने स्थिति संभालने की चुनौती बनी हुई है।

इस छात्र आंदोलन की प्रमुख वजह फ्रांस की स्कूल व्यवस्था में मौजूद समस्याओं को बताया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि कई वर्षों से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का उचित समाधान नहीं हो पाया है। सबसे बड़ी समस्याओं में शिक्षकों की कमी को शामिल किया गया है। कई स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। लंबे समय तक किसी शिक्षक के अनुपस्थित रहने की स्थिति में उनकी जगह दूसरे शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पाने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

प्रदर्शनकारी छात्रों की अन्य शिकायतों में भीड़भरी कक्षाएं, स्कूल भवनों की खराब स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी शामिल हैं। कुछ स्कूलों में पानी की समस्या होने की बात कही गई है, जबकि कई स्थानों पर अत्यधिक गर्मी और जर्जर इमारतों को लेकर भी नाराजगी है।

छात्रों का कहना है कि कई कक्षाओं में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। लंबे समय तक पढ़ाई के बावजूद बेहतर वातावरण नहीं मिलने से विद्यार्थियों पर दबाव बढ़ रहा है। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण स्कूलों की नियमित गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

बताया जा रहा है कि यह आंदोलन पिछले सप्ताह पेरिस से शुरू हुआ और धीरे-धीरे फ्रांस के दूसरे हिस्सों तक फैल गया। आंदोलन के विस्तार के साथ प्रभावित शिक्षण संस्थानों की संख्या भी बढ़ी है। शुक्रवार को करीब 735 शिक्षण संस्थानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई, जबकि इससे एक दिन पहले यह संख्या एक हजार से अधिक हाईस्कूल तक पहुंचने का दावा किया गया था।

आंदोलन को लेकर 6 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन की तैयारी की बात भी सामने आई है। इसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तेज करने की तैयारी की है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार की सख्ती के बावजूद प्रदर्शन थमने के बजाय कई इलाकों में बढ़ता दिखाई दे रहा है। कुछ जगहों पर स्कूलों में आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

इस आंदोलन ने फ्रांस की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर व्यापक बहस खड़ी कर दी है। फिलहाल सरकार के सामने एक तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दूसरी तरफ छात्रों की शिक्षा संबंधी शिकायतों का समाधान करने की चुनौती है।