Tata Sons से बड़ी खबर, एन चंद्रशेखरन पांच साल और संभालेंगे चेयरमैन पद, बोर्ड ने दी मंजूरी
Tata Sons के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में दोबारा नियुक्त करने को मंजूरी दी है। यह फैसला 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में बहुमत से लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया, जबकि प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है और नया कार्यकाल 2032 तक रहेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. Tata Sons से 17 सितंबर 2026 को बड़ी कॉरपोरेट खबर सामने आई है। कंपनी के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को Tata Sons के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद पर पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है और नए कार्यकाल के साथ वे 2032 तक इस पद पर बने रह सकते हैं।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चंद्रशेखरन ने इससे पहले अगस्त में मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा पद संभालने की इच्छा नहीं जताई थी। इसके बाद Tata Sons में उत्तराधिकार को लेकर प्रक्रिया शुरू होने की खबरें सामने आई थीं। अब बोर्ड के ताजा फैसले के बाद नेतृत्व में बदलाव की वह प्रक्रिया फिलहाल आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं दिख रही है।
रिपोर्टों के अनुसार Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। Tata Trusts और उससे जुड़े ट्रस्टों की Tata Sons में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके बावजूद बोर्ड में प्रस्ताव को बहुमत मिला। इससे Tata Sons के नेतृत्व को लेकर बोर्ड और ट्रस्ट के स्तर पर अलग-अलग मत होने की स्थिति भी सामने आई है।
चंद्रशेखरन फरवरी 2017 से Tata Sons के चेयरमैन हैं। इससे पहले वे Tata Consultancy Services (TCS) के CEO और MD के रूप में कार्य कर चुके हैं। 2022 में उन्हें दूसरी बार पांच साल के कार्यकाल के लिए Tata Sons का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। अब ताजा फैसले के बाद यह उनका तीसरा पांच वर्षीय कार्यकाल होगा।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल के विस्तार का फैसला ऐसे समय हुआ है जब Tata Sons के सामने नियामकीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर 2026 में Tata Sons की NBFC पंजीकरण से बाहर निकलने की कोशिश को खारिज कर दिया। इसके बाद कंपनी की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में आया है। Tata Sons को RBI के नियामकीय ढांचे के तहत अपर-लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Tata Sons की बोर्ड बैठक में कंपनी की संभावित लिस्टिंग को लेकर भी चर्चा होने की रिपोर्ट सामने आई है, हालांकि इस विषय पर कोई अंतिम प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। RBI के फैसले के बाद Tata Sons की लिस्टिंग से जुड़े नियामकीय और कॉरपोरेट मामलों पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। वहीं, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के बाद कंपनी में नेतृत्व की निरंतरता बनी रहेगी और अब आगे का ध्यान उनके नए कार्यकाल की औपचारिक प्रक्रिया तथा Tata Sons की नियामकीय स्थिति पर रहेगा।