दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में एक साथ गूंजी तीन किलकारियां, हाई रिस्क गर्भवती ने सामान्य प्रसव से जन्मे तीन बेटे

दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में कटेकल्याण क्षेत्र की हाई रिस्क गर्भवती ने सामान्य प्रसव से तीन बेटों को जन्म दिया। तीनों नवजातों का वजन 1870, 1875 और 1750 ग्राम रहा। जन्म के बाद तीनों की स्थिति स्थिर बताई गई और कम वजन को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी के लिए SNCU में भर्ती किया गया। स्वास्थ्य टीम की ओर से गर्भावस्था के दौरान नियमित फॉलोअप, सोनोग्राफी और समय पर रेफरल के कारण प्रसव प्रबंधन में मदद मिली।

Sep 17, 2026 - 17:45
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दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में एक साथ गूंजी तीन किलकारियां, हाई रिस्क गर्भवती ने सामान्य प्रसव से जन्मे तीन बेटे

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l 17 सितंबर 2026 दंतेवाड़ा जिला अस्पताल के प्रसव कक्ष में बुधवार को एक साथ तीन नवजातों की किलकारियां गूंजीं। कटेकल्याण क्षेत्र की हाई रिस्क गर्भवती ने सामान्य प्रसव के माध्यम से तीन बेटों को जन्म दिया। दोपहर करीब 3 बजे से 3.30 बजे के बीच हुए प्रसव के बाद तीनों नवजातों की स्थिति स्थिर बताई गई है। कम वजन को देखते हुए चिकित्सकों ने तीनों बच्चों को विशेष निगरानी के लिए अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती किया है।

जन्म लेने वाले तीनों नवजातों का वजन अलग-अलग रहा। एक बच्चे का वजन 1870 ग्राम, दूसरे का 1875 ग्राम और तीसरे का वजन 1750 ग्राम दर्ज किया गया। चिकित्सकीय निगरानी को देखते हुए जन्म के बाद बच्चों की देखभाल के लिए पीडियाट्रिक्स एवं एसएनसीयू टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई। अस्पताल की टीम ने तीनों नवजातों की स्थिति पर निगरानी शुरू कर दी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्भावस्था के दौरान ही महिला की स्थिति को हाई रिस्क के रूप में चिन्हांकित कर लिया गया था। कटेकल्याण क्षेत्र की स्वास्थ्य टीम महिला के नियमित संपर्क में रही। गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर सोनोग्राफी कराई गई और मितानिन के माध्यम से फॉलोअप भी किया गया। महिला को आयरन और कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

प्रसव का समय नजदीक आने पर स्वास्थ्य टीम ने महिला को समय रहते दंतेवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया। अस्पताल पहुंचने के बाद ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी टीम ने प्रसव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। हाई रिस्क गर्भावस्था में समय पर अस्पताल पहुंचने से चिकित्सकीय टीम को आवश्यक तैयारियों के साथ प्रसव कराने का अवसर मिला। तीनों बच्चों के जन्म के बाद पीडियाट्रिक्स और एसएनसीयू टीम ने तत्काल नवजातों की देखभाल शुरू की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने कहा कि यह मामला हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप, उचित रेफरल और अस्पताल में विशेषज्ञ टीमों के समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कटेकल्याण स्वास्थ्य टीम के साथ जिला अस्पताल की ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स और एसएनसीयू टीम को बधाई दी।

तीनों नवजात पुत्र हैं और जन्म के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। बच्चों के पिता दुर्गाराम वेट्टी बांदीपारा, ग्राम परचेली, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा के निवासी हैं। एक साथ तीन बेटों के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।