मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव, चार दिनों में 6 लोगों की मौत के बाद पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित

मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हाल की हिंसक घटनाओं के बाद तनाव बढ़ गया है। 13 और 15 सितंबर की घटनाओं में कुल छह Kuki-Zo नागरिकों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है। इसके बाद कांगपोकपी के चावांगकिनिंग गांव में रातभर गोलीबारी और दो घरों में आग लगने की घटना हुई। स्थानीय रिपोर्टों में कई इलाकों में स्कूल-बाजार बंद रहने और आवाजाही प्रभावित होने की बात कही गई है। चीनी की कीमत कुछ दूरदराज के गांवों में 400 से 450 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का स्थानीय दावा भी सामने आया है।

Sep 17, 2026 - 16:19
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मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव, चार दिनों में 6 लोगों की मौत के बाद पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित

UNITED NEWS OF ASIA. मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हाल की हिंसक घटनाओं के बाद एक बार फिर तनाव की स्थिति बनी हुई है। 13 सितंबर को तमेंगलोंग और आसपास के इलाकों में अलग-अलग घटनाओं में चार Kuki-Zo नागरिकों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके दो दिन बाद 15 सितंबर को तमेंगलोंग जिले के लेइसांगफाई इलाके में दो Kuki-Zo महिलाओं की मौत की जानकारी सामने आई। इस तरह चार दिनों के भीतर छह लोगों की मौत की रिपोर्ट दर्ज हुई है। घटनाओं के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा और सामान्य जनजीवन को लेकर चिंता बढ़ी है।

15 सितंबर की रात कांगपोकपी जिले के चावांगकिनिंग गांव में भी गोलीबारी की घटना सामने आई। अधिकारियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे शुरू हुई रुक-रुककर गोलीबारी कई घंटे तक चली। गांव के आसपास तैनात CRPF जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान कम से कम दो घरों में आग लग गई, जबकि कुछ अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा। इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं थी।

इससे पहले 15 सितंबर को तमेंगलोंग जिले के लेइसांगफाई इलाके में दो Kuki महिलाओं की हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों की मौत अज्ञात हथियारबंद लोगों की गोलीबारी में हुई और मामले की जांच जारी है। Kuki संगठनों तथा कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों ने इस घटना में Naga सशस्त्र समूहों के कथित सदस्यों की भूमिका का आरोप लगाया है, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

लगातार घटनाओं के बीच पहाड़ी इलाकों में आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में स्कूल और बाजार बंद हैं तथा प्रमुख सड़कों पर आवाजाही सामान्य नहीं है। हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों से सात दिनों तक सभी संबंधित क्षेत्रों में स्कूल और बाजार बंद रहने के दावे की अलग से पुष्टि नहीं हो सकी है। दूरदराज के गांवों में जरूरी सामान की कीमतों में बढ़ोतरी की बात भी स्थानीय लोगों ने कही है।

कांगपोकपी के कुछ गांवों से स्थानीय निवासियों ने चीनी की कीमत 400 से 450 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का दावा किया है। उनका कहना है कि तनाव और आवाजाही में बाधा के कारण ग्रामीण इलाकों में जरूरी सामान की उपलब्धता प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों ने चिकित्सा जरूरतों और खेतों तक पहुंचने में भी परेशानी की बात कही है। इन कीमतों की स्वतंत्र बाजार-स्तरीय पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिली है।

मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा का लंबा दौर जारी रहा है और हाल की घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में तनाव को फिर बढ़ा दिया है। मौजूदा घटनाओं में अलग-अलग समुदायों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां घटनाओं की जांच कर रही हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा, जरूरी सेवाओं की बहाली और स्थिति को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती बना हुआ है।