सेवा संकल्प अभियान से सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही महिलाओं और परिवारों की जिंदगी, योजनाओं से मिल रहा संबल
छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव की कहानियां सामने आ रही हैं। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहयोग, सखी वन स्टॉप सेंटर से संकट के समय सहायता, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह में आर्थिक संबल, महिला समृद्धि योजना से स्वरोजगार और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व के दौरान सहायता मिल रही है। कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए पोषण प्रबंधन भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में जनसेवा को केवल सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर उसे लोगों के जीवन में बदलाव से जोड़ने की पहल की जा रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। अभियान के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं, बच्चों और परिवारों की ऐसी कहानियों को सामने लाया जा रहा है, जिनमें आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के अवसर दिखाई देते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। लेख में दिए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक 31 किश्तों में 68 लाख से अधिक महिलाओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। जांजगीर-चांपा की उर्मिला यादव ने योजना से मिली राशि बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। इसी जिले की ज्योति कसेर ने पापड़ व्यवसाय शुरू किया, जबकि सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान और कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी दुकान का विस्तार किया।