मैं नरेंद्र दामोदरदास मोदी… संघ से संगठन और सत्ता तक पहुंचने की PM मोदी की कहानी, जानिए पूरा सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनका सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव, संगठनात्मक जिम्मेदारियों और भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका से आगे बढ़ा। 1987 में भाजपा के गुजरात संगठन में जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका राजनीतिक कद बढ़ता गया। अक्टूबर 2001 में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और मई 2014 तक इस पद पर रहे। 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। वडनगर से शुरू हुआ उनका सार्वजनिक जीवन आगे चलकर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचा। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, उनके शुरुआती वर्षों में परिवार की आर्थिक परिस्थितियां साधारण थीं और उन्होंने पढ़ाई के साथ परिवार की चाय की दुकान पर भी काम किया। कम उम्र में ही उनके जीवन में स्वामी विवेकानंद के विचारों और आध्यात्मिकता का प्रभाव दिखाई देने लगा।
युवा अवस्था में नरेंद्र मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा की। आधिकारिक जीवनी के मुताबिक, करीब 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर छोड़ा और लगभग दो वर्षों तक विभिन्न स्थानों की यात्रा की। इसके बाद वे अहमदाबाद पहुंचे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। 1972 में वे आरएसएस के प्रचारक बने और संगठन के साथ लंबे समय तक काम किया। आपातकाल के दौर में भी उन्होंने लोकतंत्र की बहाली से जुड़े आंदोलन में भाग लिया।
1980 के दशक में संघ के भीतर अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए उनका संगठनात्मक अनुभव बढ़ता गया। 1987 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के साथ काम करना शुरू किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की जीवनी के अनुसार, अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत के अभियान में उनकी संगठनात्मक भूमिका रही। इसके बाद गुजरात की राजनीति और भाजपा संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। 1990 के विधानसभा चुनाव और 1995 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनकी संगठनात्मक भूमिका का उल्लेख आधिकारिक जीवनी में किया गया है।
इसके बाद नरेंद्र मोदी भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे। 1995 से उन्होंने राष्ट्रीय सचिव के तौर पर काम किया और बाद में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन की जिम्मेदारी भी संभाली। सितंबर 2001 में उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव आया, जब उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाए जाने की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इस दौरान राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्ष के कार्यकाल के बाद नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में सामने आए। 2013 में भाजपा ने उन्हें 2014 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया और नरेंद्र मोदी ने दोनों बार प्रधानमंत्री के रूप में सरकार का नेतृत्व किया। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
इस तरह नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा को वडनगर के शुरुआती जीवन से लेकर आरएसएस के संगठनात्मक कार्य, भाजपा की जिम्मेदारियों, गुजरात के मुख्यमंत्री पद और फिर प्रधानमंत्री पद तक के अलग-अलग चरणों में देखा जा सकता है। 2026 में उनके मुख्यमंत्री पद की शुरुआत के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख भी प्रधानमंत्री कार्यालय ने किया है। उनके जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़ी पुरानी तस्वीरें उनके संगठनात्मक और सार्वजनिक जीवन के अलग-अलग दौर की झलक देती हैं।