‘आप श्रीकृष्ण, मैं आपका सुदामा’, PM मोदी के बचपन के दोस्त ने लिखा भावुक पत्र, जन्मदिन पर याद किया पुराना रिश्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन से पहले गुजरात के वडनगर निवासी और उनके बचपन के दोस्त शामळदास मोदी की एक भावुक चिट्ठी सामने आई है। उन्होंने नरेंद्र मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताते हुए बचपन की दोस्ती, प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और वडनगर के विकास से जुड़ी अपनी भावनाएं साझा की हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन 17 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस मौके पर देश और विदेश से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। जन्मदिन से पहले गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर से उनके बचपन के दोस्त शामळदास मोदी की एक भावुक चिट्ठी सामने आई है। इस पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बचपन के दिनों को याद करते हुए दोस्ती के पुराने रिश्ते को शब्दों में बयां किया है। चिट्ठी का सबसे भावुक हिस्सा वह है, जिसमें शामळदास ने नरेंद्र मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताया है।
शामळदास मोदी और नरेंद्र मोदी की दोस्ती वडनगर के बचपन के दिनों से जुड़ी बताई गई है। पत्र में शामळदास ने लिखा कि नरेंद्र मोदी ने जीवन में जो लक्ष्य तय किया, उसे पूरा करके दिखाया। उन्होंने अपने दोस्त की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी यात्रा को देखकर उन्हें खुशी और गर्व महसूस होता है। चिट्ठी में प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया गया है। शामळदास ने नरेंद्र मोदी को ‘नूतन भारत का शिल्पकार’ बताते हुए उनके काम करने के तरीके की प्रशंसा की है।
पत्र में वडनगर का भी विशेष उल्लेख किया गया है। शामळदास ने अपने बचपन से जुड़े इस शहर के विकास और उसकी ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के प्रयासों का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। वडनगर वही शहर है, जहां नरेंद्र मोदी का बचपन बीता और जो उनके शुरुआती जीवन से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा रहा है।
शामळदास ने अपनी चिट्ठी में भारत की वैश्विक पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और नरेंद्र मोदी की चर्चा दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हो रही है। यह बात उन्होंने अपने पुराने मित्र की यात्रा और उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए लिखी है। हालांकि ये विचार पत्र लिखने वाले शामळदास के हैं और इसी रूप में उन्हें देखा जाना चाहिए।
चिट्ठी के अंत में शामळदास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे जीवन तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। पूरी चिट्ठी में राजनीतिक भाषण की बजाय बचपन की दोस्ती और पुराने संबंधों की भावनाएं प्रमुख रूप से दिखाई देती हैं। वडनगर के दिनों से शुरू हुआ यह रिश्ता आज प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर एक बार फिर चर्चा में है।