स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर लगाए

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ाई गई है। दिल्ली पुलिस ने 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए हैं और नागरिकों से इनके संबंध में किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है। सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और ‘अभिज्ञान’ ऐप का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

Aug 11, 2026 - 13:22
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स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर लगाए

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस ने 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से आम लोगों से अपील की गई है कि यदि इन वांछित व्यक्तियों के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिसकर्मी या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें।

पुलिस द्वारा लगाए गए पोस्टरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे कई वांछित व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। इनमें वधावा सिंह बब्बर, पुरुषोत्तम सिंह पम्मा, हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा, गुरमीत सिंह बग्गा, भूपेंद्र सिंह भिंडा, रंजीत सिंह उर्फ नीता, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला और परमजीत सिंह पम्मा सहित अन्य नाम शामिल बताए गए हैं।

आधुनिक तकनीक से संदिग्धों पर नजर

स्वतंत्रता दिवस के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध और वांछित व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और ‘अभिज्ञान’ ऐप के जरिए निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने की तैयारी में हैं।

अधिकारियों के अनुसार, ‘अभिज्ञान’ ऐप पुलिस को मौके पर ही पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी के सत्यापन में मदद करता है। इसके अलावा फिंगरप्रिंट आधारित सत्यापन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जाने की जानकारी है। तकनीक आधारित इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ में संदिग्ध गतिविधियों और वांछित व्यक्तियों की पहचान में पुलिस को सहायता देना है।

लाल किले और आसपास के क्षेत्र में कड़ी निगरानी

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को देखते हुए लाल किले और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। निगरानी के लिए बड़ी संख्या में CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें फेशियल रिकग्निशन तकनीक से लैस कैमरे भी शामिल बताए गए हैं।

लाल किले के भीतर हाई-टेक CCTV कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने की जानकारी है, जहां पुलिसकर्मी और तकनीकी विशेषज्ञ लाइव फुटेज की निगरानी करेंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में संबंधित टीमों को तत्काल कार्रवाई के लिए अलर्ट किया जाएगा।

एंटी-ड्रोन सिस्टम और विशेष सुरक्षा बल

लाल किले और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित हवाई खतरे से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों, कमांडो इकाइयों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की तैयारी की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटकर निगरानी और जांच की जा रही है।

15 अगस्त को पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध

सुरक्षा कारणों से 15 अगस्त को लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में पतंग उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पतंग और उनकी डोर सुरक्षा व्यवस्था तथा हवाई निगरानी में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इसे देखते हुए एहतियाती कदम उठाया गया है।

इस वर्ष लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखे जाने की जानकारी है। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समारोह में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले और समारोह के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी मिलने पर स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तत्काल पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचना दें।