पालक-शिक्षक सम्मेलन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और नियमित उपस्थिति पर हुआ सार्थक संवाद

छुही के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित पालक-शिक्षक सम्मेलन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट, अनुशासन और अध्ययन की आदतों को लेकर चर्चा हुई। प्राचार्य अर्चना नेताम ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा शिक्षक और पालक की साझा जिम्मेदारी है। पालकों ने बच्चों की शिक्षा और नियमित उपस्थिति के लिए विद्यालय को सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

Aug 11, 2026 - 13:24
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पालक-शिक्षक सम्मेलन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और नियमित उपस्थिति पर हुआ सार्थक संवाद

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छुही में पालक-शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट की समस्या, अनुशासन और नियमित अध्ययन की आदत सहित शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर पालकों और शिक्षकों के बीच सकारात्मक एवं सार्थक संवाद हुआ।

सम्मेलन के दौरान पालकों से आग्रह किया गया कि वे बच्चों के लिए घर पर व्यवस्थित अध्ययन समय-सारणी तैयार कराएं और उसके अनुसार नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। साथ ही बच्चों की कॉपियों, गृहकार्य और शैक्षणिक प्रगति का समय-समय पर निरीक्षण करने तथा शिक्षकों से लगातार संपर्क बनाए रखने की अपील की गई।

विद्यालय की प्राचार्य अर्चना नेताम ने कहा कि बच्चे की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि शिक्षक और पालक दोनों की साझा जिम्मेदारी है। विद्यालय और परिवार के बीच नियमित संवाद से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार के साथ उनके अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति उनकी पढ़ाई की निरंतरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पालकों को बच्चों की दिनचर्या, पढ़ाई और विद्यालय आने की नियमितता पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी को पढ़ाई में किसी तरह की कठिनाई आती है तो पालक समय रहते शिक्षकों से चर्चा कर उसका समाधान तलाश सकते हैं।

सम्मेलन में विद्यार्थियों के विद्यालय से अनियमित रहने और ड्रॉपआउट की समस्या पर भी चर्चा की गई। शिक्षकों ने पालकों को समझाया कि बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखना उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। पालकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम में शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष टिकेश्वर साहू, उपसरपंच यामिनी सिन्हा, नीलकमल गंजीर, गोविंद राम, अंगद राम ध्रुव, गौतम लाल, अंजलि चंद्राकर, सीमा चंद्राकर, यामिनी चंद्राकर, रुपेश कुमार, नेमसिंह, आनंद राम और कुबेर सिंह सहित पालकगण, शिक्षकगण एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

इस दौरान उपस्थित पालकों ने भी विद्यार्थियों की शिक्षा और विद्यालय से संबंधित अपने सुझाव साझा किए। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अनुशासन बनाए रखने के लिए विद्यालय को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।

सम्मेलन के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी पालकों से बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहने और विद्यालय के साथ निरंतर संवाद एवं सहभागिता बनाए रखने का आह्वान किया। पालक-शिक्षक सम्मेलन को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और समग्र विकास की दिशा में उपयोगी पहल बताया गया।