रायपुर में श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया नुआखाई पर्व, पुरन्दर मिश्रा ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में नुआखाई पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की गई और नव अन्न पहली फसल को ईष्ट देवता को अर्पित कर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया। रायपुर नगर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने नुआखाई को कृषि संस्कृति, परंपरा, अन्न के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक एकता का पर्व बताया।

Sep 17, 2026 - 11:42
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रायपुर में श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया नुआखाई पर्व, पुरन्दर मिश्रा ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में नुआखाई पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान पंडित द्वारा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा के बाद उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को प्रणाम कर नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं दीं।

नुआखाई पर्व में नव अन्न यानी पहली फसल को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार नई फसल से प्राप्त अन्न को सबसे पहले ईष्ट देवता को अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। इस परंपरा के माध्यम से प्रकृति, अन्न और कृषि कार्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। पर्व के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के साथ सामाजिक मेल-जोल और आपसी सद्भाव का माहौल भी देखने को मिला।

इस अवसर पर रायपुर नगर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व केवल नई फसल के स्वागत तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्न के प्रति सम्मान और किसान के परिश्रम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी प्रदान करता है।

पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि किसान पूरे समाज के लिए अन्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेतों में मेहनत से तैयार हुई पहली फसल को ईष्ट देवता को अर्पित करने की परंपरा हमें अन्न की महत्ता समझाती है। उन्होंने कहा कि नुआखाई के माध्यम से नई फसल के प्रति सम्मान के साथ-साथ किसानों के श्रम और उनके योगदान को भी याद किया जाता है।

विधायक ने नुआखाई को संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे पर्व समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़ने का काम करते हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाने से नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव मजबूत होता है।

कार्यक्रम में प्रभु श्री जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। नुआखाई के अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और नई फसल के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पर्व के धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामाजिक सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।

पुरन्दर मिश्रा ने एक बार फिर प्रदेश के सभी लोगों को नुआखाई पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने नुआखाई की परंपरा को आगे बढ़ाने और कृषि संस्कृति से जुड़े मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।