कांग्रेस की दोहरी नीति पर केदार कश्यप का पलटवार, नक्सलियों के समर्थन वाले बयानों पर दीपक बैज से मांगा जवाब

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने झीरम घाटी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा नक्सलवाद और नक्सली हिंसा की कड़ी भर्त्सना की है। केदार कश्यप ने कांग्रेस से नक्सलवाद को लेकर पार्टी नेताओं के विवादित बयानों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने तथा झीरम घाटी से जुड़े कथित साक्ष्यों को सामने नहीं लाने पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं होना चाहिए और शहीदों का सम्मान राजनीति से ऊपर है।

Aug 14, 2026 - 13:16
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कांग्रेस की दोहरी नीति पर केदार कश्यप का पलटवार, नक्सलियों के समर्थन वाले बयानों पर दीपक बैज से मांगा जवाब

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने झीरम घाटी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कभी वीर सपूतों और शहीदों का अपमान नहीं किया। झीरम घाटी की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण थी और भाजपा सरकार एवं संगठन ने हमेशा नक्सली हिंसा की कड़ी भर्त्सना की है।

केदार कश्यप ने कहा कि दीपक बैज को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी के नेताओं के बयानों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेताओं की ओर से नक्सलवाद को लेकर विवादित बयान सामने आते हैं या नक्सली कमांडर हिड़मा को लेकर कथित तौर पर सकारात्मक टिप्पणियां की जाती हैं, तब कांग्रेस नेतृत्व अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता। उन्होंने इसे कांग्रेस की दोहरी नीति बताया।

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक ओर शहीदों के नाम पर राजनीति करने का आरोप भाजपा पर लगाती है, वहीं दूसरी ओर नक्सलवाद को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं की टिप्पणियों पर मौन रहती है। उन्होंने दीपक बैज से पूछा कि ऐसे बयानों का कांग्रेस खुलकर विरोध क्यों नहीं करती और पार्टी की आधिकारिक नीति जनता के सामने स्पष्ट क्यों नहीं की जाती।

केदार कश्यप ने झीरम घाटी से जुड़े कथित साक्ष्यों को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री लंबे समय तक दावा करते रहे कि उनके पास झीरम घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में पांच वर्षों तक सरकार चलाई, ऐसे में यदि उसके पास घटना से संबंधित साक्ष्य थे तो उन्हें सार्वजनिक करने और उचित कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ने से किसने रोका, यह सवाल आज भी बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि झीरम घाटी में शहीद हुए लोगों का सम्मान किसी भी राजनीतिक दल के लिए राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए। शहीदों की कुर्बानी को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह नक्सलवाद के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट नीति जनता के सामने रखे और शहीदों के नाम पर राजनीति करने के बजाय नक्सली हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का संदेश दे।

केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और सुरक्षा बलों तथा आम नागरिकों के बलिदान का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि देश अपने वीर सपूतों और शहीदों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।