टैक्स ऑडिट और ITR की समय-सीमा बढ़ी, छत्तीसगढ़ चेम्बर ने केंद्र सरकार का जताया आभार
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ऑडिट से संबंधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के निर्णय का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने इसे व्यापारियों, उद्योगपतियों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और करदाताओं के लिए राहतकारी निर्णय बताया। टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर और संबंधित ITR की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ऑडिट से संबंधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथियों में विस्तार किए जाने के निर्णय का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। चेम्बर ने इस फैसले के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त किया है।
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि पिछले कुछ समय से ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं, सर्वर पर अधिक लोड और बढ़े हुए कार्यभार के कारण व्यापारियों, उद्योगपतियों और कर सलाहकारों को आयकर संबंधी अनुपालन पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। 30 सितंबर की निर्धारित समय-सीमा नजदीक आने के कारण व्यापारिक वर्ग और कर पेशेवरों पर काम का दबाव भी बढ़ गया था।
चेम्बर के अनुसार, इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए संगठन लगातार संबंधित स्तर पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा था। अब CBDT द्वारा अंतिम तिथियों में विस्तार किए जाने से करदाताओं और प्रोफेशनल्स को अपने दस्तावेज तैयार करने तथा निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं, ऑडिट से संबंधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। चेम्बर ने इसे प्रदेश सहित देशभर के लाखों करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए राहत देने वाला निर्णय बताया है।
सतीश थौरानी ने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने से व्यापारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स बिना तकनीकी दबाव के खातों की जांच, आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी और वित्तीय जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। चेम्बर के मुताबिक इससे जल्दबाजी में होने वाली संभावित गलतियों से भी बचने में मदद मिल सकती है।
चेम्बर ने इस फैसले को कर अनुपालन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। संगठन ने व्यापारिक वर्ग से अपील की है कि विस्तारित समय-सीमा का उपयोग करते हुए अपने टैक्स ऑडिट और आयकर रिटर्न से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित नई तारीखों के भीतर पूरी करें।
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कहा कि व्यापारियों और करदाताओं को समय पर अनुपालन पूरा करने के लिए अपने दस्तावेज और वित्तीय विवरण व्यवस्थित रखने चाहिए, ताकि अंतिम समय में तकनीकी या अन्य किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। प्रेस विज्ञप्ति प्रदेश महामंत्री अजय भसीन की ओर से जारी की गई है।