मंडी बोर्ड MD विवाद पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने CM साय को लिखा पत्र; जांच और संविदा नियुक्ति रद्द करने की मांग

छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी की संविदा नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर नियुक्ति निरस्त करने और पदोन्नति सहित सेवा अवधि की जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता सुशील सन्नी अग्रवाल ने भी मामले को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की है। महेंद्र सिंह सवन्नी की संविदा नियुक्ति और कार्यकाल को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से भी पहले शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

Sep 29, 2026 - 12:44
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मंडी बोर्ड MD विवाद पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने CM साय को लिखा पत्र; जांच और संविदा नियुक्ति रद्द करने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी की संविदा नियुक्ति और सेवा अवधि को लेकर विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। 28 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर महेंद्र सिंह सवन्नी की वर्तमान संविदा नियुक्ति निरस्त करने और उनके सेवा संबंधी मामलों की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व श्रम विभाग निगम बोर्ड के अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में भूपेश बघेल के हवाले से कहा गया है कि मंडी बोर्ड के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी शिकायतें और समस्याएं बताई हैं। पत्र में 2005 की डीपीसी में सवन्नी की स्थिति, बाद में हुई पदोन्नतियों और रायपुर मुख्यालय में लंबे समय तक पदस्थ रहने से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। इसमें दावा किया गया है कि 2005 से 2007 के बीच उनकी पदोन्नति नियमों के विपरीत हुई और इसके बाद सहायक संचालक, उप संचालक, संयुक्त संचालक तथा अपर संचालक के पदों पर पदोन्नति मिली।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि महेंद्र सिंह सवन्नी जून 2024 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी संविदा के माध्यम से पद पर बने हुए हैं और उन्हें कई बार सेवा विस्तार दिया गया। इस संबंध में स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों में भी उनकी सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति और सेवा विस्तार को लेकर सवाल उठने तथा कर्मचारी संगठनों की ओर से जांच की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रेस विज्ञप्ति में मंडी बोर्ड में कथित 45 प्रतिशत हिस्सेदारी या कमीशन से जुड़ा आरोप भी लगाया गया है और इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। यह आरोप प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आती है।

वहीं, कर्मचारी संगठनों की ओर से महेंद्र सिंह सवन्नी के खिलाफ राखी थाने में शिकायत किए जाने की रिपोर्ट भी सितंबर 2026 में सामने आई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार शिकायत में कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल और कथित व्यवहार से संबंधित आरोप लगाए थे।

सुशील सन्नी अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मंडी बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी भय के माहौल में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे पीड़ित कर्मचारियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने के समर्थन की बात कह रहे हैं।

मामले में दोनों नेताओं की प्रमुख मांगों में महेंद्र सिंह सवन्नी की वर्तमान संविदा नियुक्ति निरस्त करना तथा 2005-2007 के दौरान हुई पदोन्नतियों और लंबे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच शामिल है। फिलहाल इन आरोपों और मांगों पर सरकार या महेंद्र सिंह सवन्नी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।