कोरबा RTO में अवैध नामांतरण और फर्जीवाड़े की शिकायत, निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग

कोरबा के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में वाहन क्रमांक CG12AZ-2969 के नामांतरण को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने मृत व्यक्ति के नाम पर प्रक्रिया, एक्सपायर्ड NOC के कथित इस्तेमाल, दस्तावेजों में अनियमितता, बिचौलियों की भूमिका और शासकीय राजस्व की संभावित हानि जैसे आरोप लगाए हैं। शिकायत में मामले की स्वतंत्र जांच, मूल नस्ती जब्त करने और जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

Sep 29, 2026 - 13:07
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कोरबा RTO में अवैध नामांतरण और फर्जीवाड़े की शिकायत, निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) कोरबा में वाहन क्रमांक CG12AZ-2969 (Maruti Baleno) के नामांतरण से जुड़े कथित अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने 28 सितंबर 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन का टोकन क्रमांक 2050126003652 बताया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार वाहन के मूल मालिक स्वर्गीय श्याम कमल साहू की वर्ष 2021 में मृत्यु हो चुकी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद वर्ष 2024 में उनके नाम पर फॉर्म-36 से संबंधित नोटिस की प्रक्रिया की गई। आवेदन में यह भी सवाल उठाया गया है कि संबंधित नोटिस वास्तव में भेजा गया था या नहीं और इसकी पोस्टल रसीद का सत्यापन किया गया था या नहीं।

शिकायत में इंडसइंड बैंक द्वारा 6 दिसंबर 2022 को जारी NOC का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह NOC 90 दिनों की वैधता के लिए थी, लेकिन कथित तौर पर इसका इस्तेमाल वर्ष 2024 में FRC और वाहन नामांतरण की प्रक्रिया में किया गया। इस आधार पर शिकायतकर्ता ने पूरे दस्तावेजी रिकॉर्ड और प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

आवेदन में फॉर्म-30 और FRC नोटशीट में लालू राठौर नामक एजेंट या बिचौलिए का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सरकारी रिकॉर्ड और नस्ती की प्रक्रिया में बाहरी व्यक्ति की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने इसे नियमों के संभावित उल्लंघन से जोड़ते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।

शिकायत में शासकीय राजस्व को संभावित नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया है। आवेदन के अनुसार विलंबित नामांतरण पर लागू शुल्क या शास्ति को लेकर पूर्व जांच में कथित रूप से गलत आधार अपनाया गया और शुल्क माफ किया गया। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की वित्तीय जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शासन को कोई राजस्व हानि हुई या नहीं।

इसके अलावा RTI के माध्यम से जानकारी मांगने पर पहले संबंधित नस्ती के गायब होने की बात कही गई और बाद में अपीलीय स्तर पर अलग जवाब दिए जाने का भी शिकायत में उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने इसे दस्तावेजों की उपलब्धता और रिकॉर्ड प्रबंधन से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने मामले में ADM या संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की है। साथ ही वाहन CG12AZ-2969 की मूल नस्ती को सुरक्षित रखने के लिए RTO कार्यालय से तत्काल जब्त करने की मांग की गई है।

शिकायत में शाखा प्रभारी विकास ठाकुर, तत्कालीन परिवहन निरीक्षक, इंडसइंड बैंक के संबंधित अधिकारियों, तृतीय पक्ष क्रेता और कथित बिचौलिये की भूमिका की जांच कर दोष सिद्ध होने पर FIR और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। ये सभी आरोप शिकायत में लगाए गए हैं; इनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।