चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों पर मीनल चौबे का पलटवार, SIR को लेकर साधा निशाना

रायपुर महापौर मीनल चौबे ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर राहुल गांधी तथा कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने चुनाव आयोग के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने SIR समेत पिछले एक साल के प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं। वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण पर अलग रुख रखते हुए सवाल उठाए हैं।

Sep 29, 2026 - 13:36
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चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों पर मीनल चौबे का पलटवार, SIR को लेकर साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच रायपुर महापौर मीनल चौबे ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में मीनल चौबे ने चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए।

मीनल चौबे ने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं और आयोग पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने के आरोप लगाए गए हैं। उनके अनुसार चुनाव आयोग की हालिया बैठक और संयुक्त बयान के बाद SIR सहित विभिन्न फैसलों को लेकर आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

चुनाव आयोग ने 23 सितंबर 2026 को जारी स्पष्टीकरण में कहा था कि पिछले एक वर्ष में आयोग के प्रमुख फैसले पूर्ण आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए। आयोग ने यह भी कहा कि किसी संस्थान में विचारों या टिप्पणियों में अंतर होना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।

महापौर ने इसी बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि SIR से संबंधित फैसलों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोग का स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश सहित SIR के विभिन्न चरणों से जुड़े फैसलों को आयोग ने अपने स्तर पर स्पष्ट किया है।

मीनल चौबे ने कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए पत्र को लेकर भी विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्पष्टीकरण के अनुसार यह मामला SIR या किसी चुनावी नीति से संबंधित नहीं था, बल्कि एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े आंतरिक विषय से संबंधित था। हालांकि, इस पूरे विवाद को लेकर विभिन्न राजनीतिक पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

दरअसल, 25 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों की ओर से SIR और चुनावी सॉफ्टवेयर से जुड़े कुछ मामलों पर आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी।

इसके जवाब में चुनाव आयोग ने अपने निर्णयों को सर्वसम्मत बताया। दूसरी ओर कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना और अपने सवाल दोहराए।

मीनल चौबे ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए। उन्होंने SIR और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर विपक्ष की आलोचना पर आपत्ति जताई।

इस पूरे मामले में फिलहाल चुनाव आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण, विपक्ष के आरोप और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रूप में सामने आई हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार आयोग देश में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं सहित विभिन्न चुनावी प्रक्रियाओं के संचालन के लिए संवैधानिक प्राधिकरण है।