कवर्धा में विकसित भारत जी राम जी योजना ने पकड़ी रफ्तार, 442 ग्राम पंचायतों में 977 कार्य जारी
कवर्धा जिले में विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (जी राम जी) योजना के तहत 442 ग्राम पंचायतों में 977 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के माध्यम से 41,945 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। योजना के अंतर्गत अब तक 3,68,753 मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी भुगतान किया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा जिले में विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण यानी जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिले की 442 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की मांग के आधार पर 977 निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से 41,945 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशानुसार जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायतों में श्रम आधारित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए बड़े स्तर पर निर्माण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को अपने ही गांव में रोजगार उपलब्ध हो रहा है। इससे उन्हें काम के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। वर्तमान में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में नए तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण, डबरी निर्माण, आजीविका डबरी, कंटूर ट्रेंच निर्माण, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और कच्ची नालियों के निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इन निर्माण गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ जल संरक्षण और आजीविका को बढ़ावा देना है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जी राम जी योजना के अंतर्गत 1 जुलाई 2026 से अब तक ग्रामीणों को कुल 3,68,753 मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के तहत निर्माण कार्यों में श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले की सभी 442 ग्राम पंचायतों में कार्य संचालित हैं और प्रतिदिन निर्माण कार्यों में श्रमिकों की भागीदारी बढ़ रही है।
श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था अपनाई जा रही है। इससे कार्यस्थलों पर उपस्थित श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की जा रही है। योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ निर्माण कार्यों की निगरानी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति दर्ज करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संचय से जुड़े कार्यों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा आजीविका डबरी, निजी डबरी और पशु शेड निर्माण जैसे कार्य ग्रामीण परिवारों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने के साथ भविष्य में आजीविका के नए अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने हाल ही में मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में मैदानी कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर कार्य प्रारंभ कराने में जुटे हैं। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने गांव में रोजगार की मांग करें और पात्रता एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ उठाएं।