मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: नामांकन शुरू, BJP में दावेदारों के नाम पर चर्चा तेज

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नामांकन की अंतिम तारीख 2 नवंबर 2026 निर्धारित है, जबकि जरूरत पड़ने पर 12 नवंबर को मतदान होगा। भाजपा में कई संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा है। विधानसभा में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण पार्टी के प्रत्याशी की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

Oct 26, 2026 - 12:22
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मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: नामांकन शुरू, BJP में दावेदारों के नाम पर चर्चा तेज

UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 26 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गई है। इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और भारतीय जनता पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा जारी है।

एल. मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन इस्तीफे के कारण सीट खाली हो गई। अब इस रिक्त सीट को भरने के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है। चुनाव की प्रक्रिया और उम्मीदवारों के चयन पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

नामांकन से मतदान तक का कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर 2026 है। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं और चुनाव की स्थिति बनती है, तो 12 नवंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना भी जताई जा रही है।

भाजपा में कई नामों पर चर्चा

इस सीट के लिए भाजपा में संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलें तेज हैं। संभावित दावेदारों में तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम चर्चा में है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नाम भी सामने आ रहे हैं। प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नामों की भी चर्चा बताई जा रही है। हालांकि, भाजपा की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा होने तक इन नामों को संभावित दावेदारों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

विधानसभा के संख्या बल पर नजर

मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। उपचुनाव में जीत के लिए आवश्यक मतों का गणित राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के चलते मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इससे मतदान करने वाले विधायकों की संख्या पर असर पड़ेगा।

बीना से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित निर्मला सप्रे की स्थिति भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि उन्होंने भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन तकनीकी रूप से उनकी विधायक स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस बनी हुई है। यदि मतदान होता है, तो उनका रुख चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है।

भाजपा की जीत की संभावना पर चर्चा

विधानसभा में भाजपा के संख्या बल को देखते हुए उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की घोषणा, नाम वापसी और मतदान की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल सभी की नजर भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी और उपचुनाव के अगले चरणों पर टिकी है।