बार्कलेज बैंक में 5,000 नौकरियों पर छंटनी की तैयारी! AI और ऑटोमेशन से बदलेगा बैंकिंग सेक्टर

ब्रिटिश बैंक बार्कलेज में 2026 के अंत तक करीब 5,000 नौकरियों में कटौती की योजना की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक लागत घटाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के जरिए कामकाज को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। इससे डेवलपर्स और सपोर्ट फंक्शन से जुड़े कर्मचारियों पर असर पड़ने की आशंका है। वहीं, HSBC और स्टैंडर्ड चार्टर्ड जैसे अन्य वैश्विक बैंकों की छंटनी योजनाओं का भी जिक्र किया गया है।

Oct 26, 2026 - 11:33
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बार्कलेज बैंक में 5,000 नौकरियों पर छंटनी की तैयारी! AI और ऑटोमेशन से बदलेगा बैंकिंग सेक्टर

UNITED NEWS OF ASIA. ब्रिटेन के प्रमुख बैंक बार्कलेज में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी को लेकर खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बैंक 2026 के अंत तक करीब 5,000 नौकरियों में कटौती करने की योजना पर काम कर रहा है। इस संभावित फैसले के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और लागत कम करने की रणनीति को प्रमुख कारण बताया गया है। हालांकि, छंटनी से प्रभावित होने वाले सभी कर्मचारियों की अंतिम सूची और विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है।

AI और ऑटोमेशन से बदल रहा बैंकिंग सेक्टर

बार्कलेज अपने कामकाज को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक पर जोर दे रहा है। बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं, स्वचालित प्रक्रियाओं और AI आधारित प्रणालियों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इससे कई ऐसे काम मशीनों और सॉफ्टवेयर के जरिए किए जा सकते हैं, जिनके लिए पहले कर्मचारियों की जरूरत होती थी। कंपनियां इन तकनीकों से काम की गति बढ़ाने और परिचालन लागत कम करने की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, इसके साथ कर्मचारियों की भूमिकाओं और रोजगार की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं।

5,000 नौकरियों में कटौती की खबर

उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, बार्कलेज की योजना के तहत लगभग 5,000 पदों पर असर पड़ सकता है। इसमें कुछ पदों पर कटौती की प्रक्रिया पहले से शुरू होने और शेष कटौती साल के अंत तक किए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में डेवलपर्स और सपोर्ट फंक्शन से जुड़े विभागों को संभावित रूप से अधिक प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में शामिल बताया गया है। इस कदम का उद्देश्य बैंक के खर्चों को नियंत्रित करना और कामकाज में तकनीकी बदलावों को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि किन देशों और विभागों में कितने कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित होंगी।

दूसरे वैश्विक वित्तीय संस्थान भी कर रहे बदलाव

बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजनाएं केवल बार्कलेज तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्ट में स्टैंडर्ड चार्टर्ड की ओर से 2030 तक 7,000 से अधिक नौकरियों में कटौती की योजना का उल्लेख है। वहीं, HSBC के लगभग 20,000 पदों में संभावित कटौती पर विचार करने संबंधी खबरों का भी जिक्र किया गया है। इन उदाहरणों से संकेत मिलता है कि बड़े वित्तीय संस्थान लागत प्रबंधन और तकनीकी बदलावों के बीच अपने संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा कर रहे हैं। अलग-अलग कंपनियों की योजनाओं की स्थिति और समयसीमा में अंतर हो सकता है।

भारतीय बैंकों में भी कर्मचारियों की संख्या पर चर्चा

रिपोर्ट में भारतीय बैंकिंग क्षेत्र का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank के कर्मचारियों की संख्या में कमी दर्ज होने की बात कही गई है। हालांकि, कर्मचारियों की संख्या में बदलाव को सीधे AI के कारण हुई छंटनी मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि इसके पीछे भर्ती, स्वैच्छिक इस्तीफे, कारोबार में बदलाव और अन्य कारण भी हो सकते हैं।

कर्मचारियों के सामने नई चुनौतियां

बैंकिंग सेक्टर में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल काम करने के तरीकों को बदल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए डिजिटल कौशल, डेटा प्रबंधन और नई तकनीकों की जानकारी हासिल करना महत्वपूर्ण हो सकता है। वहीं, कंपनियों के लिए भी तकनीकी आधुनिकीकरण के साथ कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है। बार्कलेज की छंटनी संबंधी खबर से वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार और ऑटोमेशन को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।