रतलाम में थाने का घेराव और पुलिस से अभद्रता का आरोप, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा समेत 25 लोगों पर FIR
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रावटी पुलिस थाने का घेराव करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से कथित अभद्रता व धमकी देने के मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा समेत करीब 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने BNS की धारा 126(2) और 121(2) के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों को बाउंड ओवर करने की तैयारी की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र में पुलिस थाने का घेराव करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ कथित अभद्रता करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, दो स्थानीय सरपंचों और उनके करीब 20 से 25 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करने और धमकी देने के आरोप सामने आए हैं। एसपी अमित कुमार के निर्देशों के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल संदेश के बाद शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हुआ था। इसमें रावटी क्षेत्र के कुछ लोगों को कथित तौर पर नक्सली विचारधारा से प्रेरित बताते हुए चुनाव के दौरान उपद्रव की साजिश का दावा किया गया था। संदेश में प्रशासन से कार्रवाई की मांग भी की गई थी। इस पोस्ट को लेकर नाराजगी के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा अपने सहयोगियों और दो सरपंचों के साथ रावटी पुलिस थाने पहुंचे। वहां समर्थकों के साथ घेराव और धरना-प्रदर्शन किया गया।
पुलिसकर्मियों से अभद्रता का आरोप
रावटी थाना प्रभारी मनीष डाबर के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से पुलिस का कोई सीधा संबंध नहीं था और पुलिस ने किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की थी। थाना प्रभारी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान थाने के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने और पुलिसकर्मियों को धमकाने की शिकायत भी सामने आई। थाना प्रभारी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से तूल दिया गया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने थाने का घेराव करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने से जुड़े आरोपों के आधार पर केशु निनामा और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 121(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विवेचना जारी है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।
बाउंड ओवर करने की तैयारी
थाना प्रभारी मनीष डाबर के मुताबिक, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आरोपियों को कानूनी रूप से बाउंड ओवर यानी पाबंद करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना ने रावटी क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वायरल संदेश से शुरू हुए विवाद और उसके बाद थाने में हुए प्रदर्शन को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।