छिंदवाड़ा के बरारिया में प्रस्फुटन समितियों का शक्ति संचय प्रशिक्षण आयोजित, ग्रामीण विकास पर दिया जोर
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत नवचेतना पब्लिक वेलफेयर सोसायटी द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को छिंदवाड़ा जिले के परासिया विकासखंड के ग्राम बरारिया में प्रस्फुटन समिति शक्ति संचय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। चार सत्रों में हुए प्रशिक्षण के दौरान संगठनात्मक जिम्मेदारियों, संवाद कौशल, दस्तावेजीकरण और जनभागीदारी पर मार्गदर्शन दिया गया। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरारिया में प्रस्फुटन समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण विकास में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शक्ति संचय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत नवचेतना पब्लिक वेलफेयर सोसायटी (नवांकुर संस्था), सेक्टर-04 द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन अंकेश बाग के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत के सरपंच मोहन कहार और उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला समन्वयक अखिलेश जैन, विकासखंड समन्वयक संजीव कुमार भावारकर, परामर्शदाता शंकरलाल प्रजापति तथा सेक्टर-04 के मेंटर मनीष कैथवास उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समितियों की संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करना, जिम्मेदारियों की समझ विकसित करना और ग्रामीण स्तर पर सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना था।
चार सत्रों में दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को चार सत्रों में विभाजित किया गया। पहले सत्र में जन अभियान परिषद के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और प्रस्फुटन समितियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता और जनजागरूकता के माध्यम से विकास गतिविधियों को प्रभावी बनाया जा सकता है।
दूसरे सत्र में परामर्शदाता शंकरलाल प्रजापति ने समितियों को प्रभावी स्वयंसेवी संगठन के रूप में विकसित करने, संगठनात्मक जिम्मेदारियों को समझने और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने समितियों के व्यवस्थित संचालन और सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
तीसरे सत्र में सतीश यादव ने संवाद कौशल और प्रभावी संचार तकनीकों की जानकारी दी। इस सत्र में संवाद के माध्यम से लोगों को जोड़ने और सामुदायिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाने से जुड़े पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। चौथे सत्र में योगेश सोनी ने बैठकों, गतिविधियों और निर्णयों के दस्तावेजीकरण, पंजियों के संधारण तथा पारदर्शिता बनाए रखने के तरीकों की जानकारी दी।
जनभागीदारी और पारदर्शिता पर जोर
जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने सामुदायिक सहभागिता, जनजागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, विकासखंड समन्वयक संजीव कुमार भावारकर ने समितियों के दायित्वों और परिषद की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि समितियों का व्यवस्थित संचालन, नियमित संवाद और गतिविधियों का सही दस्तावेजीकरण ग्रामीण विकास के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रतिभागियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र
कार्यक्रम में सेक्टर-01 और सेक्टर-04 की प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और सदस्य शामिल हुए। बरारिया, मायावाड़ी, सिरगोरी खुर्द, डुंगरिया और बिजौरी गुमाई की समितियों के पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण में सहभागिता की। समापन पर प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया और उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, संगठनात्मक व्यवस्था मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।