खैरागढ़ में पुलिस का बड़ा कॉम्बिंग गश्त अभियान, गुंडा-बदमाशों और असामाजिक तत्वों की जांच, अवैध गतिविधियों पर सख्ती

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। इस दौरान गुंडा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों और असामाजिक तत्वों की जांच की गई। अवैध जुआ-सट्टा और शराब बिक्री से जुड़े लोगों को सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने विजिबल पुलिसिंग के जरिए नागरिकों की सुरक्षा और जनविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया।

Oct 26, 2026 - 09:06
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खैरागढ़ में पुलिस का बड़ा कॉम्बिंग गश्त अभियान, गुंडा-बदमाशों और असामाजिक तत्वों की जांच, अवैध गतिविधियों पर सख्ती

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। इस अभियान के तहत खैरागढ़ थाना क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पुलिस टीमों ने पैदल गश्त की। इस दौरान गुंडा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों और असामाजिक तत्वों की जांच कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निगरानी और गश्त जारी रहेगी।

पुलिस अधीक्षक, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के निर्देशानुसार 25 अक्टूबर को यह विशेष अभियान संचालित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, एसडीओपी खैरागढ़ और एसडीओपी गंडई के नेतृत्व में केसीजी पुलिस की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना, अपराध की रोकथाम करना और आम नागरिकों के बीच पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करना रहा।

कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने ऐसे व्यक्तियों की जांच की, जिनका नाम पूर्व में आपराधिक गतिविधियों या निगरानी सूची में दर्ज रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पैदल गश्त करते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति का निरीक्षण किया। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी भी संभावित आपराधिक घटना को रोकने के लिए पहले से सतर्कता बरतना और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का माहौल बनाए रखना है।

अभियान के दौरान अवैध जुआ-सट्टा संचालित करने और गैरकानूनी तरीके से शराब बिक्री करने से जुड़े लोगों की भी जांच की गई। पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। साथ ही चेतावनी दी गई कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का विशेष ध्यान उन गतिविधियों पर रहा, जिनसे क्षेत्र की शांति और सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

इस अभियान में विजिबल पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया। विजिबल पुलिसिंग का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाकर आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना विकसित करना है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नियमित गश्त और सक्रिय निगरानी से आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम में मदद मिल सकती है। इससे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

खैरागढ़ पुलिस की इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाना भी है। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ाकर नागरिकों को कानून के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और अवैध कारोबार पर नियंत्रण के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।