बालाघाट के सीताडोंगरी में कुएं में डूबने से पति-पत्नी की मौत, गांव में पसरा मातम

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के परसवाड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सीताडोंगरी में कुएं में डूबने से पति-पत्नी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय कांति बाई उइके पानी लेने के दौरान कुएं में गिर गईं। उन्हें बचाने के लिए 52 वर्षीय पति अंजोर सिंह उइके कुएं में उतरे, लेकिन दोनों की डूबने से जान चली गई। घटना के बाद परिवार में शोक और गांव में मातम का माहौल है।

Oct 25, 2026 - 20:02
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बालाघाट के सीताडोंगरी में कुएं में डूबने से पति-पत्नी की मौत, गांव में पसरा मातम

UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी की कुएं में डूबने से मौत हो गई। घटना परसवाड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सीताडोंगरी के वार्ड क्रमांक 5 की है। घर के पीछे आंगन में बने कुएं में हुई इस घटना के बाद परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सीताडोंगरी निवासी कांति बाई उइके, उम्र 48 वर्ष, घर के पीछे स्थित कुएं से पानी लेने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर गईं। पत्नी को कुएं में गिरता देख उनके पति अंजोर सिंह उइके, उम्र 52 वर्ष, उन्हें बचाने के लिए कुएं में उतर गए। हालांकि, इस प्रयास के दौरान दोनों पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। जिस परिवार में रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य रूप से चल रही थी, वहां अचानक हुए इस हादसे ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। पति द्वारा पत्नी को बचाने के लिए कुएं में उतरने की घटना ने इस हादसे को और भी हृदयविदारक बना दिया।

कृषि मजदूरी कर परिवार का करते थे भरण-पोषण

जानकारी के मुताबिक, कांति बाई उइके और अंजोर सिंह उइके कृषि मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। दंपती के पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और तीन बेटे शामिल हैं। बताया गया है कि दोनों बेटियों और एक बेटे की शादी हो चुकी है। माता-पिता की अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लिए यह क्षति बेहद कठिन है।

गांव में शोक का माहौल

सीताडोंगरी गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच हादसे को लेकर दुख और संवेदना का माहौल है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की इस तरह मौत होने से परिजनों और परिचितों को गहरा सदमा पहुंचा है।

यह घटना घर के आसपास स्थित कुओं के उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। पानी लेने जाते समय कुएं के आसपास सुरक्षित व्यवस्था और फिसलन से बचाव जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कांति बाई उइके और अंजोर सिंह उइके की मौत हुई है। घटना से संबंधित अन्य आधिकारिक विवरण उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।