आलीराजपुर में नाबालिग के कथित अपहरण से गरमाया मामला, ग्रामीणों ने SP कार्यालय पहुंचकर लगाई कार्रवाई की गुहार

आलीराजपुर के सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम ककड़वाल में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। आदिवासी विकास परिषद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। पिता ने तीन लोगों पर बेटी को जबरन ले जाने का आरोप लगाया है। वहीं सोंडवा थाना प्रभारी पर ₹50 हजार लेने और इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने नाबालिग की सकुशल बरामदगी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Aug 20, 2026 - 07:41
 0  2
आलीराजपुर में नाबालिग के कथित अपहरण से गरमाया मामला, ग्रामीणों ने SP कार्यालय पहुंचकर लगाई कार्रवाई की गुहार

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम  मुगल, आलीराजपुर l आलीराजपुर जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम ककड़वाल में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। घटना से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण बुधवार को आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ को सौंपा। ज्ञापन में नाबालिग बालिका की सकुशल बरामदगी, आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने और पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

पिता ने तीन लोगों पर बेटी को जबरन ले जाने का आरोप लगाया

नाबालिग के पिता झिमरिया उर्फ कैलाश, निवासी ग्राम ककड़वाल, ने पुलिस अधीक्षक के नाम दिए आवेदन और शपथ-पत्र में आरोप लगाया है कि 15 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ उमराली हाट बाजार से बस से लौट रहे थे। इसके बाद पैदल घर जाते समय दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें रोक लिया।

पिता के अनुसार, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की तथा उनकी बेटी को अपने साथ ले गए। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बालिका ने मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। पिता ने आरोप लगाया कि जाते समय उन्हें धमकी दी गई कि यदि लड़की को लेने गांव आए या पुलिस में शिकायत की तो जान से मार दिया जाएगा।

पहले भी बेटी को ले जाने का आरोप

शिकायत में पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले भी इन्हीं में से एक व्यक्ति उनकी बेटी को कथित रूप से अपने साथ ले गया था। उस समय दोनों पक्षों के बीच आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार समझौता होने के बाद शिकायत वापस ले ली गई थी। वर्तमान घटना के बाद डर और सदमे के कारण तत्काल पुलिस थाने नहीं पहुंच पाने की बात भी आवेदन में कही गई है।

थाना प्रभारी पर ₹50 हजार लेने का आरोप

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सोंडवा थाना प्रभारी आशा वामनिया पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पिता का आरोप है कि उनसे ₹50 हजार की मांग की गई और उन्होंने कथित रूप से राशि दे भी दी, लेकिन इसके बावजूद नाबालिग के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। ग्रामीणों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी

महेश पटेल ने पुलिस प्रशासन से नाबालिग को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने, कथित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि फरियादी को घंटों थाने में बैठाए रखने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

पटेल ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों के साथ सोंडवा पुलिस थाने का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन के दौरान जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर, आदिवासी विकास परिषद जिलाध्यक्ष अंगरसिंह चौहान, राजेंद्र टवली, सानी मकरानी, भाया भाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।